नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में कई बड़े बदलाव किए हैं। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए उपाय लागू किए गए हैं और भविष्य में भी सुधार की प्रक्रिया जारी रहेगी।
केंद्र सरकार की ओर से अदालत में बताया गया कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रश्नपत्रों की तैयारी, परिवहन, भंडारण और परीक्षा केंद्रों की निगरानी से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने भी अदालत को कई सुरक्षा उपायों की जानकारी दी है।
सरकार ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इसके तहत सीसीटीवी निगरानी, परीक्षा केंद्रों की जांच, सुरक्षा प्रोटोकॉल और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने जैसे कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा परीक्षा संचालन से जुड़े संवेदनशील कार्यों में मानव हस्तक्षेप कम करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं को भविष्य में कंप्यूटर आधारित प्रणाली में बदलने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस बदलाव को लागू करने से पहले तकनीकी तैयारी और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखा जाएगा।
NTA ने अदालत में अपने हलफनामे में बताया कि प्रश्नपत्रों के अनुवाद जैसे कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक के इस्तेमाल की योजना बनाई गई है, जिससे मानवीय त्रुटियों और सुरक्षा जोखिमों को कम किया जा सके।
गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। अदालत ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र से सुधारात्मक कदमों की जानकारी मांगी थी।
केंद्र सरकार ने कहा कि उसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है, ताकि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।





