नई दिल्ली। संसद परिसर में राम मंदिर से जुड़े कथित ‘स्वांग’ को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और अन्य विपक्षी नेताओं पर हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर आस्था के प्रतीकों का मजाक उड़ाना स्वीकार्य नहीं है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष ने संसद परिसर में जिस प्रकार का प्रदर्शन किया, उससे करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राम मंदिर जैसे राष्ट्रीय आस्था के विषय को राजनीतिक नाटक का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है और विपक्ष को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए चंदे के कथित दुरुपयोग के आरोपों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पप्पू यादव पुजारी की वेशभूषा में नजर आए, जबकि राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी नेता भी मौजूद थे। विपक्ष का कहना है कि उनका उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाना था, न कि किसी धर्म या आस्था का अपमान करना।
इस मामले को लेकर वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद समेत अन्य नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रदर्शन से सनातन धर्म और राम मंदिर का अपमान हुआ है। वहीं कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है और विपक्ष केवल कथित अनियमितताओं पर जवाब मांग रहा था।
राम मंदिर से जुड़े इस विवाद ने संसद से लेकर राजनीतिक गलियारों तक नया टकराव खड़ा कर दिया है। भाजपा इसे आस्था के अपमान का मामला बता रही है, जबकि विपक्ष इसे सरकार से जवाबदेही मांगने का लोकतांत्रिक तरीका करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी कार्रवाई दोनों तेज होने की संभावना है।





