नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत करते हुए नशे के खिलाफ 100 सप्ताह तक चलने वाले जनआंदोलन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। नशे की लत केवल व्यक्ति और परिवार को ही नहीं, बल्कि देश के भविष्य को भी प्रभावित करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दुश्मन ताकतें भारत के युवाओं को कमजोर करने के लिए ड्रग्स का इस्तेमाल एक हथियार की तरह कर रही हैं। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से अपील की कि यदि किसी युवा में नशे की लत के संकेत दिखें तो उसे सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से छिपाने के बजाय समय पर उपचार और सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि खुला संवाद और सामूहिक प्रयास ही इस समस्या का प्रभावी समाधान हैं।
सरकार के अनुसार यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से चलाया जाएगा। इसमें खेल, योग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैलियां और जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है।
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लाखों छात्र ऑनलाइन जुड़े। सरकार का दावा है कि बड़ी संख्या में युवाओं ने नशा मुक्त भारत का संकल्प लिया। केंद्र का मानना है कि जनभागीदारी और निरंतर जागरूकता के माध्यम से ही नशे के बढ़ते खतरे पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।





