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21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, 6 मिनट 23 सेकंड तक छा जाएगा अंधेरा; जानिए कब और कहां दिखेगा अद्भुत नजारा

नई दिल्ली। आसमान में जल्द ही एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। 2 अगस्त 2027 को लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण 21वीं सदी के सबसे लंबे सूर्य ग्रहणों में शामिल होगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में दिन के समय करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक अंधेरा छा जाएगा। वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए यह घटना बेहद खास मानी जा रही है।

खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण तब होगा जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह ढक लेगा। पूर्ण ग्रहण के दौरान सूर्य की बाहरी परत यानी कोरोना को बिना दूरबीन के भी देखा जा सकेगा, जो सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं होता।

यह दुर्लभ नजारा मुख्य रूप से यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। मिस्र समेत कई देशों में ग्रहण की अवधि सबसे अधिक रहने की संभावना है। बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, खगोल पर्यटक और अंतरिक्ष प्रेमी इस घटना को देखने की तैयारी कर रहे हैं।

ग्रहण की लंबी अवधि का कारण पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य की विशेष स्थिति और तीनों के बीच सही संरेखण होगा। जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा, तब कुछ समय के लिए आसमान में रात जैसा दृश्य बन जाएगा। तापमान में गिरावट और वातावरण में अचानक बदलाव भी महसूस किया जा सकता है।

भारत में इस पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देखने को नहीं मिलेगा। यहां से यह घटना पूर्ण रूप से दिखाई नहीं देगी, जबकि ग्रहण का मुख्य क्षेत्र अन्य देशों में रहेगा।

विशेषज्ञों ने लोगों को सूर्य ग्रहण देखते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिना प्रमाणित सोलर फिल्टर वाले चश्मे या सुरक्षित उपकरणों के सीधे सूर्य को देखने से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।

वैज्ञानिकों के लिए यह ग्रहण सूर्य के बाहरी वातावरण का अध्ययन करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा, वहीं आम लोगों के लिए यह ब्रह्मांड की अद्भुत गतिविधियों को करीब से देखने का दुर्लभ मौका साबित होगा।

 

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