गाजा/तेल अवीव: गाजा युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों के बीच हमास ने हथियार छोड़ने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए उसने कुछ शर्तें रखी हैं। संगठन ने कहा है कि यदि इजरायल गाजा में सैन्य कार्रवाई रोकता है और अपनी सेना वापस बुलाता है तो वह चरणबद्ध तरीके से हथियार डालने पर विचार कर सकता है। हालांकि, इजरायल की ओर से इस प्रस्ताव पर अब तक कोई औपचारिक सहमति सामने नहीं आई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका की मध्यस्थता से तैयार एक संभावित शांति योजना में हमास के निरस्त्रीकरण, इजरायली सेना की वापसी और गाजा के प्रशासन के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव शामिल है। हमास ने इस योजना पर सैद्धांतिक रूप से सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन उसका कहना है कि हथियार छोड़ने की प्रक्रिया इजरायली वापसी और संघर्ष विराम के साथ जुड़ी होनी चाहिए।
इजरायल की प्रमुख मांगों में हमास का पूरी तरह सैन्य रूप से निष्क्रिय होना शामिल है। इजरायली पक्ष का कहना है कि गाजा से सेना हटाने से पहले हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण जरूरी है। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
प्रस्तावित समझौते के तहत गाजा में एक नई प्रशासनिक व्यवस्था बनाने और अंतरराष्ट्रीय निगरानी बल की तैनाती की बात भी सामने आई है। योजना के अनुसार, हमास के हथियारों को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने और क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करने का प्रयास किया जा सकता है। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब गाजा संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद हुई थी, जिसके जवाब में इजरायल ने गाजा में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया। लंबे समय से जारी संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और मानवीय संकट गहरा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हमास के निरस्त्रीकरण और इजरायल की सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन बनाना शांति प्रक्रिया की सबसे बड़ी चुनौती होगी। आने वाले दिनों में इजरायल की प्रतिक्रिया और मध्यस्थ देशों की भूमिका इस समझौते की दिशा तय कर सकती है।





