नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर रखरखाव और निगरानी प्रणाली पर विशेष जोर दिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण चालू वित्त वर्ष में अब तक केवल दो बड़े ट्रेन हादसे दर्ज किए गए हैं।
रेल मंत्री के अनुसार, रेलवे में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सिग्नलिंग व्यवस्था के आधुनिकीकरण, ट्रैक रखरखाव, तकनीकी निगरानी और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मानव त्रुटियों को कम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम और अन्य आधुनिक तकनीकों का विस्तार किया जा रहा है। देशभर में हजारों रेलवे स्टेशनों और लेवल क्रॉसिंग पर सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत किया गया है, जिससे परिचालन अधिक सुरक्षित हुआ है।
रेल मंत्री ने स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इसे प्रमुख रेल मार्गों पर लागू किया जा रहा है। यह प्रणाली ट्रेन संचालन के दौरान संभावित टक्करों और मानवीय चूक से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद करती है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में ट्रेन दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। रेलवे में सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर खर्च बढ़ाया गया है और पटरियों, कोचों तथा सिग्नलिंग सिस्टम के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ नियमित निरीक्षण और रखरखाव की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जा रहा है।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, सुरक्षा सुधारों के परिणामस्वरूप दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंत्रालय का कहना है कि भविष्य में भी यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तकनीकी उन्नयन और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर जारी रहेगा।





