नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने किसी भी चरण में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को नहीं रोका। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक कदम भी उठाए।
लोकसभा में चर्चा के दौरान सीतारमण ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार ने उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाधा नहीं डाली। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान एक ओर छात्रों की आवाज सुनने पर रहा, वहीं दूसरी ओर पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी रहा।
वित्त मंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय हैं और सरकार इसे लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
सीतारमण ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि सरकार ने छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सरकार ने लगातार संवाद बनाए रखा और समस्याओं के समाधान के लिए ठोस निर्णय लिए। उनका कहना था कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पेपर लीक विवाद को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। इस मुद्दे पर संसद में भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक सुधार लागू किए जा रहे हैं।





