वॉशिंगटन: जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी हमले के बाद भारतीय मूल की अमेरिकी सैनिक सार्जेंट एंजेला एस. रामप्रसाद के मारे जाने की आशंका जताई गई है। पेंटागन ने बताया कि 28 वर्षीय रामप्रसाद 17 जुलाई को जॉर्डन के मुवाफक साल्टी एयर बेस पर हुए हमले के बाद लापता थीं, जिन्हें अब मृत माना जा रहा है।
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले में अमेरिकी सैन्यकर्मियों को निशाना बनाया गया था। इस हमले में रामप्रसाद के अलावा दो अन्य अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई थी। रामप्रसाद जर्मनी स्थित अमेरिकी सेना की 1st Battalion, 57th Air Defense Artillery Regiment से जुड़ी थीं।
पेंटागन ने बताया कि शुरुआत में एंजेला रामप्रसाद को लापता सैनिक के रूप में दर्ज किया गया था। बाद में बरामद अवशेषों की जांच के बाद उनकी स्थिति को “मृत माने जाने” की श्रेणी में रखा गया। मामले की आधिकारिक जांच जारी है।
जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुआ यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सामने आया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए किया गया था। घटना के बाद अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई भी तेज की गई है।
न्यूयॉर्क के ओजोन पार्क की रहने वाली एंजेला रामप्रसाद को उनके परिवार और साथियों ने बहादुर सैनिक बताया। उनके करीबियों के अनुसार, वह बचपन से ही सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहती थीं। सेना में रहते हुए उन्होंने कई जिम्मेदारियां निभाईं और सहयोगियों के बीच लोकप्रिय थीं।
रामप्रसाद की मौत की पुष्टि के बाद अमेरिकी सेना में इस हमले में मारे गए सैनिकों की संख्या बढ़ गई है। यह घटना मध्य-पूर्व में तैनात अमेरिकी बलों के सामने बढ़ते सुरक्षा खतरे को भी उजागर करती है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर आगे की सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियों पर बनी हुई है।





