Top 5 This Week

Related Posts

केदारनाथ धाम को मिलेगी 24 घंटे बिजली, 16 करोड़ की एक्सप्रेस फीडर लाइन को मंजूरी

देहरादून: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में अब बिजली आपूर्ति को और अधिक मजबूत एवं निर्बाध बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तराखंड सरकार ने धाम के लिए करीब 16 करोड़ रुपये की लागत वाली एक्सप्रेस फीडर लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के पूरा होने के बाद केदारनाथ मंदिर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ धाम में मौसम की कठिन परिस्थितियों के कारण कई बार बिजली व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। नई एक्सप्रेस फीडर लाइन के जरिए धाम को अलग और अधिक भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इससे मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर संचालन में मदद मिलेगी।

ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, इस परियोजना के तहत विशेष विद्युत लाइन बिछाई जाएगी, जिससे केदारनाथ क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा सकेगा। मौजूदा व्यवस्था में किसी तकनीकी खराबी या प्राकृतिक कारणों से आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में नई लाइन बैकअप के रूप में भी काम करेगी।

केदारनाथ धाम每 वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहता है। यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। यात्रा सीजन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में बिजली, पानी, संचार और अन्य मूलभूत सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहती है।

नई विद्युत परियोजना से मंदिर परिसर के अलावा यात्रियों के ठहरने वाले स्थानों, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी लाभ मिलने की संभावना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि धाम में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करते हुए यात्रियों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराया जाए।

हाल के वर्षों में केदारनाथ क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सड़क, संचार और बिजली जैसी सुविधाओं के विस्तार को यात्रा प्रबंधन का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

16 करोड़ रुपये की इस एक्सप्रेस फीडर लाइन परियोजना को केदारनाथ धाम की बिजली व्यवस्था को भविष्य के लिए अधिक सुरक्षित और स्थायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Popular Articles