नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं, विधायी एजेंडे और विपक्ष के संभावित मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में सरकार की ओर से संसद में उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण विषयों और विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि मानसून सत्र में महत्वपूर्ण विधेयकों को सुचारु रूप से पारित कराया जाए और सदन की कार्यवाही प्रभावी ढंग से चले।
मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इससे पहले 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें सरकार अपना विधायी एजेंडा साझा करेगी और विपक्ष भी अपने मुद्दे रखेगा।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। सरकार की कोशिश है कि सत्र के दौरान विपक्ष के संभावित विरोध के बीच सदन में कामकाज सुचारु बनाए रखा जाए।
विपक्ष की ओर से भी मानसून सत्र को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। कांग्रेस समेत कई दल सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहे हैं। ऐसे में आगामी सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं।





