नई दिल्ली। पेट्रोल में 25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले E25 ईंधन को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि E25 ईंधन फिलहाल केवल परीक्षण चरण में है और इसके व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
पुरी ने कहा कि सरकार किसी भी नए ईंधन को लागू करने से पहले वैज्ञानिक परीक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और संबंधित पक्षों से परामर्श की प्रक्रिया पूरी करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि E25 को बाजार में उतारने का फैसला परीक्षण रिपोर्ट आने और उसके विश्लेषण के बाद ही लिया जाएगा।
मंत्री ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि E20 ईंधन पहले ही देश में इस्तेमाल हो रहा है और इसके उपयोग को लेकर वाहन निर्माताओं तथा सेवा प्रदाताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और पर्यावरणीय लाभ हासिल करना है।
E25 ईंधन में पेट्रोल के साथ 25 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है। सरकार इससे पहले E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को चरणबद्ध तरीके से बढ़ावा दे चुकी है। हालांकि, अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को लागू करने से पहले वाहनों की तकनीकी अनुकूलता और ईंधन की गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।
पुरी ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए वाहन उद्योग की भागीदारी और जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के लिए पेट्रोल पंपों और अन्य सुविधाओं में भी आवश्यक बदलाव करने होंगे।
सरकार का मानना है कि एथेनॉल आधारित ईंधन से किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। वहीं, E25 को लेकर अंतिम फैसला व्यापक परीक्षण और विशेषज्ञों की राय के आधार पर लिया जाएगा।





