वाशिंगटन/पनामा सिटी (एजेंसी) — अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पनामा नहर (Panama Canal) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप ने कहा कि चीन की नजर इस रणनीतिक रूप से बेहद अहम जलमार्ग पर है, लेकिन अमेरिका ऐसा कभी नहीं होने देगा कि इसका नियंत्रण किसी और के हाथ में जाए।
ट्रंप ने यह बयान हालिया सार्वजनिक संबोधन और मीडिया बातचीत के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि पनामा नहर वैश्विक व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है और इसके नियंत्रण को लेकर भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “हमने यह नहर किसी को देने के लिए नहीं बनाई थी कि बाद में कोई और इसे नियंत्रित करे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि चीन इस क्षेत्र में अपने आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और यह अमेरिका के हितों के लिए खतरा हो सकता है। ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में पनामा नहर पर विदेशी नियंत्रण या प्रभाव को स्वीकार नहीं करेगा।
पनामा नहर को वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा माना जाता है, जिससे दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार गुजरता है। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में चीनी निवेश और बंदरगाह संचालन को लेकर अमेरिका में चिंता बढ़ी है।
इससे पहले भी ट्रंप प्रशासन और उनके बयानों में चीन पर लैटिन अमेरिका में प्रभाव बढ़ाने और रणनीतिक ठिकानों पर पकड़ मजबूत करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। पनामा नहर को लेकर यह मुद्दा अमेरिका-चीन संबंधों में एक बार फिर तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि पनामा नहर का संचालन आधिकारिक रूप से पनामा सरकार के नियंत्रण में है, लेकिन इसके आसपास के व्यापारिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क में विभिन्न देशों की कंपनियों की मौजूदगी बनी हुई है।
ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर एक बार फिर पनामा नहर को लेकर भू-राजनीतिक बहस तेज हो गई है।





