तेहरान। ईरान में सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा कारणों से अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। इसी बीच उनके उत्तराधिकारी माने जा रहे मोजतबा खामेनेई की अंतिम संस्कार में सार्वजनिक उपस्थिति को लेकर गंभीर संदेह जताया जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों के चलते अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल नहीं होंगे। बताया जा रहा है कि ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक आयोजनों में शामिल होने से मना किया है, क्योंकि मौजूदा क्षेत्रीय तनाव और संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना कठिन माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई भले ही अंतिम संस्कार में व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहते हों, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सख्त सलाह के बाद उनके सार्वजनिक रूप से दिखाई देने की संभावना लगभग समाप्त मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि वह केवल सीमित या बंद व्यवस्था में ही किसी औपचारिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।
इस घटनाक्रम ने ईरान के भीतर सत्ता हस्तांतरण और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में शीर्ष नेतृत्व की गतिविधियों पर लगातार सुरक्षा दबाव बना हुआ है, जिससे सार्वजनिक उपस्थिति सीमित होती जा रही है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और कई उच्चस्तरीय नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की आशंका जताई जाती रही है। ऐसे में किसी भी बड़े सार्वजनिक समारोह को अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है।
हालांकि ईरानी सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति को लेकर अटकलें तेज हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की स्थिति न केवल ईरान की आंतरिक राजनीतिक स्थिरता पर असर डाल सकती है, बल्कि क्षेत्रीय भू-राजनीति में भी नए समीकरण पैदा कर सकती है।





