नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इथेनॉल का इस्तेमाल केवल सामान्य वाहनों में ही नहीं, बल्कि रेसिंग कारों में भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल इंजन की क्षमता और एक्सेलरेशन बढ़ाने में मदद करता है तथा इसे लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का कोई आधार नहीं है।
पुरी ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि दुनिया के कई देशों में इसका सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत ने निर्धारित समय से पहले 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग (ई-20) का लक्ष्य हासिल कर लिया है। सरकार अब फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और ई-85 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि देश में बड़ी संख्या में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन अपनाए जाते हैं तो किसानों को अतिरिक्त आय होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
हरदीप पुरी ने कहा कि ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों में इथेनॉल आधारित ईंधन लंबे समय से सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है। भारत भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार देशभर में चरणबद्ध तरीके से ई-85 ईंधन उपलब्ध कराने और आवश्यक बुनियादी ढांचे का विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि इथेनॉल आधारित ईंधन स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने वाहन निर्माताओं से फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाले अधिक मॉडल बाजार में लाने और तेल विपणन कंपनियों से इथेनॉल ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने का आग्रह किया।





