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सुंदर पिचाई, सत्य नडेला और विनोद खोसला समेत भारतीय मूल के 30 प्रमुख नाम फोर्ब्स की “इमिग्रेंट 250” सूची में शामिल, वैश्विक मंच पर बढ़ा भारत का मान

नई दिल्ली/वॉशिंगटन। वैश्विक बिजनेस और इनोवेशन की दुनिया में भारतीय मूल के पेशेवरों का दबदबा एक बार फिर सामने आया है। प्रतिष्ठित मैगजीन फोर्ब्स द्वारा जारी “अमेरिका के 250 सबसे सफल प्रवासी (Immigrant 250)” की सूची में इस बार 30 भारतीय मूल के प्रमुख व्यक्तित्वों को शामिल किया गया है। यह सूची अमेरिका में विभिन्न क्षेत्रों—टेक्नोलॉजी, बिजनेस, निवेश, विज्ञान और शिक्षा—में असाधारण योगदान देने वाले प्रवासियों को सम्मानित करती है।

फोर्ब्स की इस सूची में दुनिया के कई दिग्गज नाम शामिल हैं, लेकिन भारतीय मूल के व्यक्तित्वों की बड़ी मौजूदगी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और नवाचार में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

सूची में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख सत्य नडेला, एनवीडिया के संस्थापक जेन्सन हुआंग, वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला, एचसीएल के संस्थापक शिव नादर, और इंफोसिस के सह-संस्थापक एन. आर. नारायण मूर्ति जैसे प्रमुख नाम शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा कई भारतीय मूल के उद्यमी, निवेशक और वैज्ञानिक भी इस प्रतिष्ठित सूची का हिस्सा बने हैं।

फोर्ब्स ने इस सूची को अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जारी किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवासी समुदायों ने अमेरिका की आर्थिक प्रगति, तकनीकी विकास और नवाचार में निर्णायक भूमिका निभाई है। भारतीय मूल के पेशेवरों ने खासतौर पर सिलिकॉन वैली और वैश्विक टेक इंडस्ट्री में गहरा प्रभाव छोड़ा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस सूची में भारतीय मूल के व्यक्तित्वों की मजबूत उपस्थिति इस बात का संकेत है कि शिक्षा, तकनीकी कौशल और उद्यमिता के क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा विश्व स्तर पर लगातार आगे बढ़ रही है। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारतीय मूल के पेशेवर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

फोर्ब्स की इस रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि प्रवासी व्यक्तित्वों ने न केवल कंपनियों को ऊंचाई दी है, बल्कि नए रोजगार, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा दिया है।

इस उपलब्धि को भारतवंशी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मान्यता के रूप में देखा जा रहा है, जो वैश्विक स्तर पर उनकी बढ़ती नेतृत्व क्षमता और प्रभाव को दर्शाता है।

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