देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण कार्य को लेकर नई प्रगति सामने आई है। जानकारी के अनुसार परियोजना के अंतर्गत बयासी (Byasi) तक रेल लाइन का काम वर्ष 2028 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पूरी परियोजना को वर्ष 2029 तक पूरा करने की संभावना जताई जा रही है।
रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और सुरंग निर्माण सहित प्रमुख इंजीनियरिंग कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। हिमालयी भू-भाग की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
यह 125–126 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। परियोजना के पूरा होने पर ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और चारधाम यात्रा के सुगम होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, परियोजना में अधिकांश हिस्से सुरंगों के माध्यम से बनाए जा रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हालांकि, विभिन्न पैकेजों में काम तेज गति से जारी है और कई हिस्सों में स्टेशन निर्माण एवं ट्रैक बिछाने का कार्य भी आगे बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेल लाइन के शुरू होने से गढ़वाल क्षेत्र में पर्यटन, तीर्थयात्रा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही सड़क यातायात पर दबाव कम होगा और पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।




