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नैनीताल। नैनीताल जनपद स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में 15 जून को होने वाले स्थापना दिवस मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं

नैनीताल। नैनीताल जनपद स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में 15 जून को होने वाले स्थापना दिवस मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश के कोने-कोने से तथा विदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के नीम करोली बाबा के दरबार में पहुंचने की संभावना है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, सफाई, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने बताया कि मेले को पहले से अधिक व्यवस्थित और सुगम बनाने के उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों, मंदिर समिति, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन तथा अन्य हितधारकों के साथ कई दौर की बैठकें की गई हैं। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।

उन्होंने बताया कि कैंचीधाम क्षेत्र में सीमित स्थान होने के कारण यातायात एवं भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं को कैंचीधाम तक पहुंचाने के लिए काठगोदाम एवं हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के अलावा भीमताल, भवाली सैनिटोरियम तथा नैनीताल से विशेष शटल सेवाएं संचालित की जाएंगी।

मेले के दौरान कैंचीधाम मार्ग पर बाइक संचालन की अनुमति नहीं होगी। 13 से 16 जून तक इस मार्ग पर बाइकें पूरी तरह बंद रहेंगी।

प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थलों एवं यातायात व्यवस्था की जानकारी देने के लिए उत्तराखंड, दिल्ली, देहरादून एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न समाचार पत्रों तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

आरटीओ विभाग द्वारा शटल सेवाओं का किराया भी निर्धारित कर दिया गया है। हल्द्वानी से आने वाले यात्रियों के लिए 100 रुपये तथा भीमताल एवं भवाली से आने वाले यात्रियों के लिए 50 रुपये किराया तय किया गया है। सभी वाहनों पर किराया सूची प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

एडीएम ने बताया कि विद्युत विभाग, जल संस्थान, नगर पालिका भवाली एवं जिला पंचायत को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग को सड़कों की मरम्मत, मोड़ों पर यातायात सुगम बनाने तथा मार्ग में बाधक पेड़ों और टहनियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। पैदल यात्रियों के मार्गों को भी सुरक्षित और सुगम बनाया जा रहा है।

इसके अलावा अग्निशमन विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। मेले के दौरान सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे तथा 13 से 16 जून तक विशेष ट्रैफिक एवं डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। प्रशासन का दावा है कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं को बेहतर एवं व्यवस्थित व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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