नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का देश के राजनीतिक परिदृश्य पर प्रभाव और बढ़ गया है। बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल कर भाजपा ने न केवल तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन का अंत किया, बल्कि देश के राजनीतिक नक्शे में भी बड़ा बदलाव दर्ज किया है।
चुनावी नतीजों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। इस जीत के साथ ही पार्टी का प्रभाव पूर्वी भारत में भी मजबूत हुआ है, जहां लंबे समय से क्षेत्रीय दलों का दबदबा रहा है।
वहीं, असम में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में गठबंधन ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए राज्य में अपनी पकड़ बनाए रखी है।
बंगाल और असम के चुनाव परिणामों के बाद NDA अब देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में है। भाजपा के अपने मुख्यमंत्री वाले राज्यों की संख्या भी बढ़ी है, जिससे पार्टी का राष्ट्रीय राजनीतिक प्रभाव और मजबूत हुआ है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में मिली जीत भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पार्टी को पूर्वी भारत में विस्तार का नया अवसर मिला है और आगामी चुनावों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
भाजपा नेतृत्व ने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और संगठन की मेहनत का परिणाम बताया है। दूसरी ओर, विपक्ष के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय माना जा रहा है।





