भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भोपाल स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया और एक दिवसीय उपवास शुरू किया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की गई।
कांग्रेस का कहना है कि उनकी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतंत्र के खिलाफ कदम है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि नामांकन खारिज करने से पहले उम्मीदवार को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है और यदि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो जनता का विश्वास कमजोर होता है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। पार्टी ने चुनाव आयोग से मामले की निष्पक्ष समीक्षा करने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं, चुनाव आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमा गई है।





