नई दिल्ली / वॉशिंगटन: अमेरिका में ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) से जुड़े नियमों में ट्रंप प्रशासन द्वारा किए गए नए बदलावों का सबसे अधिक असर भारतीय आवेदकों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब कई मामलों में अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया (Adjustment of Status) पर रोक लगाई जा सकती है, और आवेदकों को अपने देश से आवेदन करने के लिए वापस जाना पड़ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव अमेरिकी इमिग्रेशन प्रणाली को सख्त बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे H-1B वीजा धारकों सहित बड़ी संख्या में उन भारतीय पेशेवरों पर असर पड़ सकता है जो टेक्नोलॉजी, मेडिकल और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में अमेरिका में काम कर रहे हैं और लंबे समय से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नए नियमों के चलते आवेदन प्रक्रिया और अधिक जटिल और लंबी हो सकती है। कई मामलों में उम्मीदवारों को अपने देश लौटकर वाणिज्य दूतावास (कांसुलेट) के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है, जिससे नौकरी, परिवार और स्थायी निवास की योजनाओं पर अनिश्चितता बढ़ गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नीति से परिवार आधारित आव्रजन आवेदकों पर भी अधिक असर पड़ सकता है, जबकि कुछ विशेष परिस्थितियों में अमेरिका में रहकर आवेदन की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि, नियमों को लेकर अभी भी स्पष्टता की कमी बनी हुई है, जिससे प्रवासियों और वकीलों के बीच असमंजस की स्थिति है।
व्यवसाय जगत ने भी इस बदलाव पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका में कुशल विदेशी प्रतिभा की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है और कंपनियों को भर्ती एवं रिटेंशन में कठिनाई आ सकती है।
अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि यह कदम इमिग्रेशन सिस्टम को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए जरूरी है, ताकि वीजा प्रक्रिया का दुरुपयोग रोका जा सके और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी जा सके।
मुख्य बिंदु:
- ग्रीन कार्ड नियमों में बदलाव, भारतियों पर संभावित बड़ा असर
- कई आवेदकों को अब देश से बाहर जाकर आवेदन करना पड़ सकता है
- H-1B वीजा धारकों पर सबसे अधिक प्रभाव की आशंका
- आवेदन प्रक्रिया और लंबी व जटिल होने की संभावना
- अमेरिकी कंपनियों में कुशल कर्मचारियों की कमी का खतरा
नए नियमों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और आने वाले दिनों में इसके प्रभाव और स्पष्ट होने की उम्मीद है।





