नई दिल्ली: आठ वर्षीय निस्का ने साहस और दृढ़ संकल्प की मिसाल पेश करते हुए माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर तिरंगा फहराया। इतनी कम उम्र में इस कठिन ट्रेक को पूरा कर उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
जानकारी के अनुसार, निस्का ने यह उपलब्धि हाल ही में हिमालय क्षेत्र में स्थित एवरेस्ट बेस कैंप तक सफल ट्रेकिंग के दौरान हासिल की। यह यात्रा अत्यंत चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसमें कठिन मौसम, कम ऑक्सीजन स्तर और दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।
पूरी यात्रा के दौरान निस्का ने अनुशासन, आत्मविश्वास और शारीरिक क्षमता का शानदार परिचय दिया। बेस कैंप पहुंचने पर उन्होंने भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसे वहां मौजूद अन्य पर्वतारोहियों और टीम सदस्यों ने भी सराहा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ट्रेक में निस्का को अनुभवी गाइड्स और टीम का पूरा सहयोग मिला। यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए लक्ष्य तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि को बचपन में साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के प्रति बढ़ते रुझान के रूप में देखा जा रहा है।
एवरेस्ट बेस कैंप (लगभग 5,364 मीटर की ऊंचाई) दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ट्रेकिंग स्थलों में से एक है, जहां तक पहुंचना भी एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना असाधारण है और यह अन्य बच्चों को भी प्रेरित करेगा।
निस्का की इस उपलब्धि के बाद परिवार और स्थानीय स्तर पर खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जहां लोग उनके साहस और हौसले की सराहना कर रहे हैं।
यह उपलब्धि भारतीय युवाओं में साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के प्रति बढ़ते उत्साह को भी दर्शाती है।





