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प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को दिए सख्त निर्देश: तुरंत कटाएं गैरजरूरी खर्च

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी केंद्रीय मंत्रियों और विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सरकारी खर्चों में अनावश्यक और गैरजरूरी व्यय को तुरंत रोकें। उन्होंने कहा कि हर सरकारी खर्च पर निगरानी होनी चाहिए और केवल आवश्यक गतिविधियों पर ही धन खर्च किया जाए।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने यह आदेश विशेष रूप से सरकारी बैठकों, कार्यक्रमों और ऑफिस खर्चों में अनावश्यक बढ़ोतरी को देखते हुए दिया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि जनता के करों का हर पैसा सावधानीपूर्वक और जिम्मेदारी के साथ खर्च होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय है “सरकारी खर्च में अनुशासन और पारदर्शिता” लाने का। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खर्चों की समीक्षा नियमित रूप से की जाए और गैरजरूरी व्यय की पहचान कर तुरंत उसे रोका जाए।

साथ ही उन्होंने यह भी जोर दिया कि सभी मंत्रालय और विभाग डिजिटल माध्यम से खर्चों का रिकॉर्ड बनाएँ और उसे समय–समय पर सरकार के उच्च अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करें। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितता पर भी नियंत्रण रहेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य केवल बजट बचत नहीं, बल्कि सरकारी कार्य प्रणाली में दक्षता और जवाबदेही बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि सरकार पहले भी समय–समय पर खर्च में कटौती के निर्देश देती रही है, लेकिन इस बार निर्देश अधिक सख्त और स्पष्ट हैं।

प्रधानमंत्री की यह पहल ऐसे समय में आई है जब देश के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता बनाए रखना प्राथमिकता है। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि यह न केवल सरकारी वित्तीय अनुशासन के लिए जरूरी है, बल्कि जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि अब सभी मंत्रालय और विभाग खर्चों की सूची बनाएंगे और गैरजरूरी खर्चों की पहचान कर उन्हें तुरंत रोकेंगे। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

इस कदम को सोशल मीडिया और आम जनता में भी उत्साह के साथ देखा जा रहा है। लोग इसे सरकारी कार्यशैली में सुधार और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

प्रधानमंत्री के निर्देश से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी खर्च में अनुशासन अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है और हर विभाग को इसे पूरी गंभीरता से लागू करना होगा।

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