देहरादून स्थित जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से हवाई यात्रियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने देहरादून से मुंबई और अहमदाबाद के लिए दो अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने की घोषणा की है। नई उड़ानों के शुरू होने से उत्तराखंड का देश के प्रमुख महानगरों से हवाई संपर्क और अधिक मजबूत होगा तथा पर्यटन, व्यापार और चिकित्सा यात्राओं को भी गति मिलने की उम्मीद है।
एयरलाइन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए इन रूटों पर अतिरिक्त फ्लाइट संचालन का निर्णय लिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में देहरादून एयरपोर्ट से यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है, जिसके कारण एयरलाइंस कंपनियां नए सेक्टर जोड़ने और उड़ानों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।
नई व्यवस्था के तहत मुंबई और अहमदाबाद दोनों मार्गों पर यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने के कारण बड़ी संख्या में कारोबारी, विद्यार्थी और पर्यटक इस मार्ग का उपयोग करते हैं। वहीं अहमदाबाद से धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक संपर्क और पारिवारिक यात्राओं की मांग लगातार बढ़ रही है। अतिरिक्त उड़ानों से टिकट उपलब्धता बेहतर होगी और यात्रियों को सुविधाजनक समय चुनने का विकल्प मिलेगा।
हवाई सेवा विशेषज्ञों का मानना है कि देहरादून से सीधी उड़ानों में वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। उत्तराखंड पर्यटन के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में देहरादून एयरपोर्ट की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। राज्य में चारधाम यात्रा, वीकेंड पर्यटन और कॉर्पोरेट यात्रा बढ़ने के कारण एयर ट्रैफिक में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस पहले से ही देहरादून से विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए सेवाएं संचालित कर रही है और नई उड़ानों के जुड़ने से यात्रियों को अधिक कनेक्टिविटी मिलेगी। उड़ानों की अवधि भी अपेक्षाकृत कम होने से समय की बचत होगी और लंबी सड़क या रेल यात्रा का विकल्प कम करना संभव होगा। देहरादून से मुंबई की सीधी उड़ान लगभग ढाई घंटे में पूरी होती है, जिससे यात्रियों को तेज आवागमन का लाभ मिलता है।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि अतिरिक्त उड़ानों से राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे होटल, ट्रैवल एजेंसी, टैक्सी और स्थानीय व्यवसायों को लाभ होगा। साथ ही उत्तराखंड के लोगों के लिए भी देश के पश्चिमी हिस्सों तक यात्रा आसान बनेगी।
एयरपोर्ट प्रबंधन और पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि भविष्य में अन्य महानगरों के लिए भी उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, जिससे उत्तराखंड की हवाई कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।





