देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है और आगामी दिनों में प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के पर्वतीय तथा मैदानी क्षेत्रों में मौसम अस्थिर बना रहेगा। कई स्थानों पर तेज गर्जना, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के संवेदनशील जिलों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। चारधाम यात्रा मार्गों और ऊंचाई वाले इलाकों में भी प्रशासन निगरानी बनाए हुए है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन को पर्यटकों और यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने को कहा गया है, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून अवधि में उत्तराखंड में इस प्रकार के मौसम परिवर्तन सामान्य होते हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की तीव्रता और अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को सतर्क रहकर मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।





