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भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी रफ्तार: अमेरिका से 1.74 लाख टन LNG लेकर चला विशाल टैंकर; इराक से कच्चा तेल लेकर मुंबई पहुँचेगा ‘देश गरिमा’

नई दिल्ली/मुंबई: भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो महत्वपूर्ण खेप देश की ओर बढ़ रही हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज गैस कंपनी ‘गेल इंडिया लिमिटेड’ (GAIL) का एलएनजी टैंकर ‘एनर्जी फिडेलिटी’ अमेरिका के टेक्सस स्थित साबाइन पास टर्मिनल से भारत के लिए रवाना हो गया है। वहीं, दूसरी ओर इराक से कच्चा तेल लेकर आ रहा जहाज ‘देश गरिमा’ भी समुद्री चुनौतियों को पार कर जल्द ही मुंबई बंदरगाह पर लंगर डालने वाला है।

अमेरिका से ‘एनर्जी फिडेलिटी’ की रवानगी: 1.74 लाख टन LNG का कार्गो

गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘एनर्जी फिडेलिटी’ नामक यह पोत 1,74,000 टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) लेकर आ रहा है।

  • भव्य विदाई समारोह: इस टैंकर को 20 अप्रैल को अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
  • राजनयिक उपस्थिति: इस अवसर पर ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत डीसी मंजूनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने इस खेप की रवानगी को भारत-अमेरिका के बीच प्रगाढ़ होते ऊर्जा संबंधों का एक बड़ा पड़ाव बताया।

भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी: विश्वसनीयता और सुरक्षा का प्रतीक

महावाणिज्य दूत डीसी मंजूनाथ ने समारोह के दौरान दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों पर प्रकाश डाला।

  • साझा प्राथमिकताएं: उन्होंने कहा कि यह समारोह भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी के मजबूत संबंधों का प्रतीक है, जो नवाचार, विश्वसनीयता और दीर्घकालिक सुरक्षा जैसे साझा मूल्यों पर टिका है।
  • 3-T दृष्टिकोण: मंजूनाथ ने जोर देकर कहा कि ऊर्जा की यह आपूर्ति भारत के 3-T (ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म) विजन के अनुरूप है। यह आपसी विश्वास और ऊर्जा सुरक्षा के साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में गहरे सहयोग को दर्शाता है।

इराक से कच्चा तेल लेकर आ रहा ‘देश गरिमा’

गैस आपूर्ति के साथ-साथ कच्चे तेल की आवक की खबर भी राहत देने वाली है।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य को किया पार: इराक से 97,422 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा पोत ‘देश गरिमा’ हालिया तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार कर चुका है।
  • मुंबई पोर्ट पर जल्द दस्तक: यह जहाज अब अपनी यात्रा के अंतिम चरण में है और बहुत जल्द मुंबई पोर्ट पर पहुँचने वाला है, जिससे देश की रिफाइनरियों को कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्थिरता की ओर कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका से इतनी बड़ी मात्रा में एलएनजी की आवक से घरेलू उद्योगों और पीएनजी (PNG) नेटवर्क को बड़ी राहत मिलेगी।

  1. स्थिरता: रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच विभिन्न देशों से ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण (Diversification) भारत को वैश्विक मूल्य वृद्धि के झटकों से बचाने में मदद करेगा।
  2. आर्थिक प्रभाव: सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति से न केवल औद्योगिक उत्पादन को गति मिलेगी, बल्कि यह मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

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