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मध्य पूर्व में युद्ध की आहट: ईरान की अमेरिका को दो टूक चेतावनी; कहा— ‘जमीनी हमला हुआ तो हजारों अमेरिकी सैनिकों को बना लेंगे बंदी’

तेहरान/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के नवनिर्वाचित नेतृत्व और वर्तमान प्रशासन को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ किसी भी प्रकार की जमीनी सैन्य कार्रवाई की हिमाकत की, तो उसे इतिहास की सबसे शर्मनाक हार का सामना करना पड़ेगा। ईरान ने धमकी दी है कि ऐसी स्थिति में वह अमेरिका के हजारों सैनिकों को युद्धबंदी बना लेगा।

“उंगलियां ट्रिगर पर हैं”: IRGC

IRGC के प्रवक्ता ने ईरान की सैन्य तैयारियों का जिक्र करते हुए दुनिया को आगाह किया कि भले ही धरातल पर फिलहाल शांति दिखाई दे रही हो, लेकिन इसे कमजोरी न समझा जाए। प्रवक्ता ने कहा:

  • सेनाएं हाई अलर्ट पर: ईरान की तमाम सैन्य इकाइयां पूरी तरह सतर्क हैं और सैनिकों की ‘उंगलियां ट्रिगर पर’ हैं।
  • निर्णायक जवाब: किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब ‘जोरदार और निर्णायक’ तरीके से दिया जाएगा।
  • सैनिकों को कैद करने की धमकी: ईरान ने सीधे तौर पर ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी रक्षा विभाग को चेतावनी दी कि तनाव बढ़ने की स्थिति में उनके हजारों सैनिकों को बंदी बना लिया जाएगा, जो अमेरिका के लिए एक बड़ा रणनीतिक और कूटनीतिक झटका होगा।

CENTCOM का पलटवार: “हम हर चुनौती के लिए तैयार”

ईरान की इस आक्रामक बयानबाजी के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी अपनी सैन्य शक्ति और तत्परता का प्रदर्शन किया है। CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने अमेरिकी सेना के अडिग इरादों को दोहराते हुए कहा:

  • पूर्ण तैनाती: अमेरिकी सेनाएं मध्य पूर्व के सामरिक क्षेत्रों में पूरी तरह तैनात हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के सक्षम हैं।
  • जवानों पर भरोसा: एडमिरल कूपर ने कहा, “हमारी हर सफलता हमारे जांबाज जवानों के साहस पर निर्भर करती है। हमारी फोर्सेज हर तरह की चुनौती और खतरे का सामना करने के लिए हर पल तैयार हैं।”

सीजफायर और अनिश्चितता का माहौल

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह सख्त बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में चल रहे संभावित सीजफायर (युद्धविराम) की समय सीमा नजदीक आ रही है। जानकारों के अनुसार, सीजफायर की अवधि समाप्त होते ही हालात किसी भी वक्त विस्फोटक हो सकते हैं। ईरान द्वारा दी गई ‘सैनिकों को कैद करने’ की धमकी ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर अमेरिका की सैन्य प्रतिष्ठा को चुनौती देने जैसा है।

बेहद संवेदनशील बना हुआ है क्षेत्र

ईरान और अमेरिका की इस जुबानी जंग ने साफ कर दिया है कि मध्य पूर्व में शांति बहाली की कोशिशें अभी भी काफी दूर हैं। एक तरफ जहाँ ईरान अपनी संप्रभुता और परमाणु अधिकारों पर अड़ा है, वहीं अमेरिका क्षेत्र में अपने सहयोगियों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता। आने वाले कुछ दिन वैश्विक राजनीति और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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