देहरादून: राजधानी के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में आयोजित 9 दिवसीय ‘दून पुस्तक महोत्सव 2026’ का आज रंगारंग कार्यक्रमों के साथ औपचारिक समापन हो गया। 4 अप्रैल से शुरू हुए इस बौद्धिक महाकुंभ ने पिछले नौ दिनों तक देवभूमि को साहित्य, कला और संस्कृति के विविध रंगों से सराबोर रखा। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) द्वारा आयोजित इस मेले ने उत्तराखंड को देश के एक प्रमुख साहित्यिक केंद्र के रूप में नई और सुदृढ़ पहचान दी है।
हजारों की भीड़ और बौद्धिक विमर्श
महोत्सव के अंतिम दिन तक हजारों की संख्या में विद्यार्थी, लेखक, शिक्षाविद और आम नागरिक इस उत्सव का हिस्सा बनने पहुँचे। मेले में न केवल पुस्तकों की भारी बिक्री देखी गई, बल्कि विभिन्न सत्रों में पाठकों और लेखकों के बीच जीवंत संवाद भी हुआ। पूरे महोत्सव के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भाषाई विविधता और यहाँ की गहरी बौद्धिक परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
‘दून लिट फेस्ट’: प्रख्यात हस्तियों का जमावड़ा
महोत्सव का मुख्य आकर्षण ‘दून लिट फेस्ट’ रहा, जिसमें देश के नामचीन लेखकों, विचारकों, पत्रकारों और फिल्मकारों ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान इतिहास, साहित्य, सिनेमा, तकनीक, राष्ट्रवाद और समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा हुई।
- प्रमुख वक्ता: महोत्सव में नितिन सेठ, कुलप्रीत यादव, आचार्य प्रशांत, अद्वैता काला, जुपिंदर सिंह, वैभव पुरंदरे, संजीव चोपड़ा, चंद्रचूर घोष, अनुज धर, कर्नल अजय रैना और ब्रिगेडियर सुशील तनवर जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल हुए।
- सार्थक संवाद: इन विशेषज्ञों के सत्रों ने न केवल श्रोताओं के ज्ञान में वृद्धि की, बल्कि उन्हें जटिल विषयों पर एक नई दृष्टि और प्रेरणा भी प्रदान की।
विशेष सत्र और युवाओं का उत्साह
महोत्सव के कुछ सत्र विशेष रूप से युवाओं के बीच चर्चा का केंद्र रहे:
- सुप्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली के सत्र ने सिनेमा और रचनात्मकता के प्रति छात्रों में नया उत्साह जगाया।
- भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपस्थिति ने विद्यार्थियों को विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
इन विशिष्ट संवादों ने युवाओं को जीवन के प्रति एक सकारात्मक और नई सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन समारोह के अवसर पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, साथ ही भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक भव्य बनाने का संकल्प लिया।





