तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनावी बिगुल पूरी तरह से बज चुका है। राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों पर गुरुवार, 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए प्रशासन ने तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। बुधवार सुबह से ही राज्य के सभी 14 जिलों में चुनावी गहमागहमी देखी गई, जहाँ पोलिंग पार्टियों को उनके आवंटित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया।
कन्नूर से तिरुवनंतपुरम तक तैयारियां तेज
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, आज सुबह से ही वितरण केंद्रों पर पोलिंग कर्मचारियों की भारी भीड़ देखी गई।
- ईवीएम और वीवीपीएटी का वितरण: कन्नूर, कोझिकोड, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम सहित सभी जिलों में मतदान अधिकारियों को ईवीएम (EVM), वीवीपीएटी (VVPAT) और अन्य आवश्यक चुनावी सामग्री सौंपी गई।
- दुर्गम क्षेत्रों के लिए विशेष इंतजाम: राज्य के पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में स्थित पोलिंग बूथों के लिए टीमों को विशेष वाहनों से जल्दी रवाना किया गया है ताकि वे समय रहते पहुंच सकें।
सुरक्षा के कड़े पहरे में मतदान
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
- केंद्रीय बलों की तैनाती: राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कई टुकड़ियों को संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर तैनात किया गया है।
- निगरानी तंत्र: निर्वाचन आयोग ने ‘वेबकास्टिंग’ और सीसीटीवी (CCTV) के जरिए मतदान केंद्रों की वास्तविक समय (Real-time) निगरानी की व्यवस्था की है।
निर्वाचन आयोग की अपील: “बढ़-चढ़कर करें मतदान”
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य के मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
“केरल की राजनीतिक चेतना हमेशा से उच्च रही है। हम उम्मीद करते हैं कि इस बार भी मतदाता भारी संख्या में घरों से निकलेंगे और एक मजबूत सरकार के चयन में अपनी भूमिका निभाएंगे। सुरक्षा और सुविधा के सभी इंतजाम पूरे हैं।”
राजनीतिक समीकरणों पर टिकी नजरें
कल होने वाला यह मतदान एलडीएफ (LDF), यूडीएफ (UDF) और एनडीए (NDA) के बीच त्रिकोणीय मुकाबले का भविष्य तय करेगा।
- मतदान का समय: गुरुवार सुबह 7:00 बजे से शुरू होकर शाम 6:00 बजे तक वोट डाले जाएंगे।
- परिणाम: इस मतदान के बाद सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी, जिसके नतीजे 4 मई 2026 को सामने आएंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा और मतदाताओं को अपनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन फोटो पहचान पत्र (EPIC) या आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेज साथ लाने होंगे।





