यरुशलम/रियाद: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों पर बढ़ते हमलों के बीच, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विश्व ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए एक क्रांतिकारी और दूरगामी प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दुनिया को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी अत्यधिक निर्भरता कम करनी चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्र भू-राजनीतिक अस्थिरता का केंद्र बन गया है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। नेतन्याहू ने सुझाव दिया कि तेल और गैस पाइपलाइनों का रास्ता बदलकर उन्हें होर्मुज के बजाय सऊदी अरब के रास्ते लाल सागर (Red Sea) और भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) की तरफ ले जाना एक स्थायी और सुरक्षित समाधान हो सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य: एक रणनीतिक ‘चोक पॉइंट’ और वैश्विक खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्त्वपूर्ण और संवेदनशील ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहाँ से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा गुज़रता है। हालांकि, यह क्षेत्र लंबे समय से क्षेत्रीय संघर्षों, तनावों, और हमलों का केंद्र रहा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने का खतरा हमेशा बना रहता है। ईरान और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के बीच बढ़ते तनाव ने होर्मुज को एक रणनीतिक ‘चोक पॉइंट’ बना दिया है, जहाँ से गुज़रने वाले तेल टैंकरों पर हमले और ज़ब्ती की घटनाएँ आम हो गई हैं। इस अस्थिरता ने वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएँ पैदा की हैं।
नेतन्याहू का प्रस्ताव: सऊदी अरब के रास्ते नया ऊर्जा मार्ग
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस संकट का एक स्थायी समाधान सुझाते हुए कहा कि होर्मुज पर निर्भरता कम करने के लिए तेल और गैस पाइपलाइनों का रास्ता बदलना अनिवार्य है। उन्होंने प्रस्तावित किया कि इन पाइपलाइनों को सऊदी अरब के विशाल भूभाग से गुज़ारकर लाल सागर और भूमध्य सागर की तरफ ले जाया जाना चाहिए। यह नया ऊर्जा मार्ग न केवल होर्मुज जलडमरूमध्य को बाईपास करेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प भी प्रदान करेगा। नेतन्याहू ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय सहयोग और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देगी और पश्चिम एशिया में शांति व स्थिरता बहाल करने में मदद करेगी।
सैन्य कार्रवाई बनाम स्थायी समाधान: नेतन्याहू का दृष्टिकोण
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि यद्यपि सैन्य कार्रवाई कुछ समय के लिए स्थिरता प्रदान कर सकती है, लेकिन यह होर्मुज संकट का कोई स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सैन्य हस्तक्षेप केवल तनाव को बढ़ाएगा और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा पैदा करेगा। इसके बजाय, उन्होंने एक कूटनीतिक और आर्थिक समाधान पर ज़ोर दिया, जो क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग और साझा हितों पर आधारित हो। नेतन्याहू ने कहा कि सऊदी अरब के रास्ते नया ऊर्जा मार्ग एक ऐसा ही समाधान है, जो न केवल वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करेगा, बल्कि पश्चिम एशिया में एक नए युग की शुरुआत भी करेगा।
यह प्रस्ताव पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक समीकरणों और ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों को दर्शाता है, और आने वाले दिनों में इस पर और अधिक चर्चा और विचार-विमर्श होने की संभावना है।





