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उत्तराखंड में बिजली राहत: इस साल नहीं बढ़ेंगे दाम, आयोग ने खारिज किया ऊर्जा निगम का प्रस्ताव

आज 31 मार्च, 2026 को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की नई दरों की घोषणा कर दी है। ऊर्जा निगम (UPCL) द्वारा प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी के विपरीत, आयोग ने जनता को बड़ी राहत देते हुए इस वर्ष दरों में कोई वृद्धि नहीं करने का निर्णय लिया है।

यहाँ इस महत्वपूर्ण फैसले की विस्तृत जानकारी दी गई है:

उत्तराखंड में बिजली राहत: इस साल नहीं बढ़ेंगे दाम, आयोग ने खारिज किया ऊर्जा निगम का प्रस्ताव

मुख्य निर्णय और राहत:

  • दामों में कोई बदलाव नहीं: उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने स्पष्ट किया है कि घरेलू और अन्य श्रेणियों के लिए बिजली की वर्तमान दरें ही लागू रहेंगी।
  • प्रस्तावित बढ़ोतरी खारिज: ऊर्जा निगम (UPCL) ने करीब 16.23% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, जिसे आयोग ने वित्तीय घाटे और जनता के हितों को देखते हुए स्वीकार नहीं किया।
  • लागू होने की तिथि: ये दरें कल यानी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएंगी।
  • फिक्स्ड चार्ज: सामान्य उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज (Fixed Charge) में भी कोई विशेष वृद्धि नहीं की गई है, जिससे मासिक बिल स्थिर रहेगा।

उपभोक्ता श्रेणियों में महत्वपूर्ण बदलाव:

आयोग ने दरों में बढ़ोतरी न करते हुए कुछ श्रेणियों (Categories) के ढांचे में बदलाव किया है ताकि बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो सके:

  1. स्लैब में एकीकरण (Merging of Slabs): उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कुछ पुराने स्लैब को आपस में मिला दिया गया है। इससे मध्यम वर्ग के उन उपभोक्ताओं को लाभ होगा जिनकी खपत एक निश्चित सीमा के आसपास रहती थी।
  2. सोलर रूफटॉप को प्रोत्साहन: जिन घरों में सोलर पैनल लगे हैं, उनके लिए नेट मीटरिंग (Net Metering) और बिलिंग के नियमों में और अधिक ढील दी गई है, ताकि राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके।
  3. औद्योगिक और व्यावसायिक श्रेणी: उद्योगों के लिए कुछ विशेष पीक-ऑवर (Peak-hour) चार्जेस में बदलाव किए गए हैं, ताकि उद्योगों की लागत को नियंत्रित रखा जा सके और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिले।
  4. बीपीएल और अंत्योदय परिवार: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बिजली की दरें न्यूनतम रखी गई हैं, और उन्हें मिलने वाली सब्सिडी जारी रहेगी।

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