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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: कुकी उग्रवादियों ने सेना की चौकी पर की अंधाधुंध फायरिंग; आधे घंटे तक चली आमने-सामने की मुठभेड़

इम्फाल (26 मार्च, 2026): पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। गुरुवार को संदिग्ध हथियारबंद कुकी उग्रवादियों ने फौगाकचाओ अवांग लीकाई (Phougakchao Awang Leikai) में स्थित भारतीय सेना की एक अग्रिम चौकी को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलीबारी की। मणिपुर पुलिस के अनुसार, यह हमला सुबह करीब 11:40 बजे हुआ, जब उग्रवादियों ने फौलजांग और गोथोल के पहाड़ी इलाकों से सेना की चौकी पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। सेना की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई के बाद, दोनों पक्षों के बीच लगभग 30 मिनट तक भीषण मुठभेड़ चली। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक खबर नहीं है, लेकिन इस घटना ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

उग्रवादियों का दुस्साहस: सेना की चौकी पर हमला और आधे घंटे की मुठभेड़

मणिपुर पुलिस ने इस घटना की विस्तृत जानकारी साझा की:

  • योजनाबद्ध हमला: पुलिस के अनुसार, हथियारबंद कुकी उग्रवादी फौलजांग और गोथोल के ऊँचे इलाकों में छिपे हुए थे। उन्होंने फौगाकचाओ अवांग लीकाई में भारतीय सेना की चौकी को निशाना बनाते हुए आधुनिक हथियारों से भारी गोलीबारी की।
  • सेना की त्वरित प्रतिक्रिया: चौकी पर तैनात भारतीय सेना के जवानों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 58वीं बटालियन ने तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों की ओर से हो रही गोलीबारी का करारा जवाब दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक भारी गोलीबारी का आदान-प्रदान (Crossfire) चलता रहा।
  • तनावपूर्ण माहौल: मुठभेड़ के बाद इलाके में भारी तनाव है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात किया गया है।

संयुक्त तलाशी अभियान: पहाड़ी क्षेत्रों में उग्रवादियों की घेराबंदी

घटना के तुरंत बाद, सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया:

  1. महाअभियान: मणिपुर पुलिस ने बताया कि 26 मार्च 2026 की सुबह से ही भारतीय सेना, सीआरपीएफ, मणिपुर पुलिस और भारतीय रिजर्व बटालियन (IRB) द्वारा एक संयुक्त तलाशी अभियान (Joint Search Operation) शुरू किया गया है।
  2. घेराबंदी और तलाशी: सुरक्षा बल उस सामान्य इलाके में, जहाँ गोलीबारी हुई थी, और आस-पास के पहाड़ी क्षेत्रों में उग्रवादियों की तलाश कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य हमलावरों की पहचान करना और उन्हें पकड़ना है।
  3. सुरक्षा अलर्ट: राज्य सरकार ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

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