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आंध्र प्रदेश में भीषण सड़क हादसा: लॉरी से टकराकर धूं-धूं कर जली निजी बस; 14 यात्रियों की दर्दनाक मौत, कई जिंदा जले

अमरावती/मार्कपुरम (26 मार्च, 2026): आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में गुरुवार की सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा हो गया। जिले के रायवरम इलाके के पास एक निजी ट्रेवल्स की बस और पत्थर के स्लैब ले जा रही एक टिपर लॉरी के बीच आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में तुरंत भीषण आग लग गई, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। इस हृदयविदारक दुर्घटना में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से कई यात्री बस के भीतर ही जिंदा जल गए। हादसे में दर्जनों अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

टक्कर के बाद बनी ‘अग्निपुंज’: डीएसपी ने बताया हादसे का मंजर

मार्कपुरम के डीएसपी हर्षवर्धन राजू ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद हादसे की प्रारंभिक जानकारी साझा की:

  • रूट और समय: यह दुर्घटना गुरुवार सुबह उस समय हुई जब निजी बस जगित्याला से कालिगिरी की ओर जा रही थी। रायवरम के पास स्लैब खदानों के समीप बस और लॉरी आपस में टकरा गईं।
  • आग का तांडव: पुलिस अधिकारी के अनुसार, टक्कर के प्रभाव से बस के डीजल टैंक या इंजन में विस्फोट हुआ, जिससे पूरी बस चंद मिनटों में आग के गोले में तब्दील हो गई। देखते ही देखते बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
  • शवों की पहचान चुनौतीपूर्ण: आग इतनी भीषण थी कि कई शव पूरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी शिनाख्त करना पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

बचाव कार्य और घायलों की स्थिति: अस्पताल में चीख-पुकार

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग बस को अपनी चपेट में ले चुकी थी:

  1. घायलों का उपचार: बस से सुरक्षित निकाले गए और झुलसे हुए यात्रियों को तुरंत नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
  2. शवों का पंचनामा: पुलिस ने मृतकों के अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डीएनए (DNA) टेस्ट के माध्यम से भी पहचान की कोशिश की जा सकती है।
  3. जांच के आदेश: राज्य सरकार ने इस भीषण दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और हादसे के कारणों की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में ओवरस्पीडिंग या ड्राइवर की लापरवाही को मुख्य कारण माना जा रहा है।

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