तेहरान/यरूशलेम (24 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में जारी विनाशकारी संघर्ष अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी इस त्रिकोणीय युद्ध के 25वें दिन इजराइली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान पर रात भर भीषण हवाई हमले किए। इजराइल ने न केवल लेबनान और गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है, बल्कि पहली बार सीधे तौर पर ईरान के सामरिक और खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजराइल को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि अब वे ‘बेरोकटोक’ जवाबी कार्रवाई करेंगे, वहीं तेहरान ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए अमेरिका को बराबर का जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
इजराइल का ‘ऑपरेशन तेहरान’: IRGC के खुफिया मुख्यालयों को बनाया निशाना
इजराइली सेना (IDF) ने ईरान के भीतर किए गए हमलों की पुष्टि करते हुए कई बड़े दावे किए हैं:
- खुफिया ठिकानों पर प्रहार: इजराइली सेना का कहना है कि उन्होंने तेहरान में स्थित IRGC के दो प्रमुख इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर और ईरान के खुफिया मंत्रालय की एक मुख्य इमारत को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है।
- मिसाइल ठिकानों पर हमला: रात भर चली इस कार्रवाई में ईरान के उन गुप्त ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है, जहां बैलिस्टिक मिसाइलों का भंडारण किया जाता था। इजराइल का उद्देश्य ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता को पंगु बनाना है।
- सरकारी इमारतों को क्षति: हमले में कई सरकारी इमारतों को भी निशाना बनाया गया है, जिसे इजराइल ने ईरान के “आतंकवादी ढांचे” पर प्रहार बताया है।
ईरान की जवाबी चेतावनी: ‘आम नागरिकों पर हमला हुआ तो दहलेगा इजराइल’
तेहरान पर हुए हमलों के बाद ईरान का रुख बेहद आक्रामक हो गया है:
- IRGC की धमकी: रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्पष्ट किया है कि यदि इजराइल ने लेबनान और गाजा में आम नागरिकों (Civilians) को निशाना बनाना बंद नहीं किया, तो ईरान अपनी पूरी सैन्य शक्ति के साथ इजराइल पर सीधा और अनियंत्रित हमला करेगा।
- अमेरिका पर निशाना: ईरान ने कड़े शब्दों में कहा है कि इजराइल को मिल रहा अमेरिकी समर्थन इस युद्ध को और भड़का रहा है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
- लेबनान और गाजा में तबाही: इस बीच, लेबनान और फलस्तीनी क्षेत्रों में इजराइली मिसाइल हमलों ने भारी तबाही मचाई है, जिससे मानवीय संकट गहरा गया है।
वैश्विक प्रभाव: तेल बाजार में हलचल और कूटनीतिक विफलता
युद्ध के 25वें दिन तेहरान पर हुई बमबारी ने वैश्विक समुदाय को चिंता में डाल दिया है। कूटनीतिक स्तर पर शांति की सभी कोशिशें फिलहाल नाकाम साबित हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने अपनी ‘बेरोकटोक’ हमले की धमकी पर अमल किया, तो यह युद्ध तीसरे विश्व युद्ध की आहट भी दे सकता है। खाड़ी क्षेत्र से होने वाली तेल आपूर्ति पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।




