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राज्यसभा में अमित शाह पेश करेंगे ‘अहम विधेयक’

नई दिल्ली (23 मार्च, 2026): ईद-उल-फितर, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (नव संवत्सर) और शनिवार-रविवार के लंबे चार दिवसीय अवकाश के बाद, संसद के बजट सत्र (Budget Session) की कार्यवाही सोमवार (23 मार्च) को एक बार फिर से शुरू होगी। बजट सत्र का यह दूसरा चरण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई लंबित विधेयकों को पारित कराने और वित्त विधेयक पर चर्चा करने की योजना है। सोमवार को सदन की कार्यवाही की शुरुआत हंगामेदार रहने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।

राज्यसभा: अमित शाह पेश करेंगे ‘अहम विधेयक

उच्च सदन राज्यसभा (Rajya Sabha) में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतीक्षित विधेयक पेश करेंगे। हालांकि, इस विधेयक के नाम और विवरण को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन कूटनीतिक और राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि यह ‘अहम विधेयक’ निम्नलिखित विषयों से संबंधित हो सकता है:

  1. आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद: जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर भारत या साइबर सुरक्षा से संबंधित कानूनों को सख्त बनाने के लिए कोई नया विधेयक या मौजूदा कानूनों में संशोधन।
  2. समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड के बाद अब देश भर में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कोई महत्वपूर्ण कूटनीतिक या विधिक पहल।
  3. चुनाव सुधार और जनसंख्या नियंत्रण: एक देश-एक चुनाव (One Nation-One Election) या जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित कोई विधेयक, जो सरकार के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है।

अमित शाह द्वारा विधेयक पेश किए जाने के बाद, राज्यसभा में इस पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जहाँ विपक्ष के नेता अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करेंगे।

लोकसभा: 11 बजे से प्रश्नकाल और शून्यकाल

निचले सदन लोकसभा (Lok Sabha) में सोमवार को सदन की कार्यवाही की शुरुआत पारंपरिक रूप से सुबह 11 बजे प्रश्नकाल (Question Hour) से होगी। प्रश्नकाल के दौरान, सांसद सरकार के मंत्रियों से विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित सवाल पूछेंगे, जिनमें शामिल हो सकते हैं:

  • आर्थिक स्थिति: तेल की कीमतों में उछाल, महंगाई, बेरोजगारी और आगामी वित्त विधेयक से संबंधित सवाल।
  • कृषि और किसान: फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), किसान सम्मान निधि और हाल ही में हुई ओलावृष्टि व बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर सवाल।
  • स्वास्थ्य और शिक्षा: स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, नई शिक्षा नीति और चिकित्सा शिक्षा से संबंधित मुद्दे।

प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल (Zero Hour) होगा, जिसमें सांसद अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण और अविलंबनीय मुद्दों को उठाएंगे। शून्यकाल के दौरान भी विपक्ष कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

बजट सत्र का दूसरा चरण: चुनौतियां और रणनीतियां

बजट सत्र के दूसरे चरण में सरकार और विपक्ष दोनों के सामने कई चुनौतियां और रणनीतियां हैं:

  • सरकार की रणनीति: मोदी सरकार की मुख्य रणनीति वित्त विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराना है। सरकार को उम्मीद है कि वह विपक्ष के हंगामे के बावजूद अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में सफल रहेगी।
  • विपक्ष की रणनीति: विपक्षी दल महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, और केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं। विपक्ष की रणनीति सदन की कार्यवाही को बाधित करके सरकार पर दबाव बनाने की है।

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