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होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नौसेना की ‘लोहे की दीवार’: ईंधन टैंकरों की सुरक्षा के लिए भेजे गए अतिरिक्त युद्धपोत; ‘ऑपरेशन संकल्प’ हुआ तेज

नई दिल्ली (19 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध और समुद्री मार्गों पर बढ़ते हमलों के बीच भारत सरकार ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सामरिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे और वहां से गुजरने वाले भारतीय ईंधन टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना ने अपने अतिरिक्त युद्धपोत और अत्याधुनिक निगरानी विमान तैनात कर दिए हैं। ‘लाल सागर’ से लेकर ‘ओमान की खाड़ी’ तक भारतीय नौसेना अब तिरंगा लगे जहाजों के लिए एक अभेद्य ढाल बन गई है।

‘ऑपरेशन संकल्प’ का विस्तार: समुद्र में बढ़ी भारत की धमक

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों को देखते हुए नौसेना मुख्यालय ने अपनी तैनाती को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है:

  • अतिरिक्त युद्धपोतों की रवानगी: पहले से मौजूद जहाजों के अलावा, नौसेना ने गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर (विध्वंसक) और स्टील्थ फ्रिगेट की एक नई टुकड़ी को होर्मुज के मुहाने पर तैनात किया है।
  • हवाई निगरानी: नौसेना के P-8I पोसाइडन लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान और प्रिडेटर ड्रोन लगातार आसमान से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। इनका मुख्य काम किसी भी संभावित मिसाइल या ‘आत्मघाती नाव’ के हमले को समय रहते पहचानना है

ईंधन टैंकरों को मिला ‘सुरक्षा कवच’

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से प्राप्त करता है, इसलिए इन टैंकरों की सुरक्षा सर्वोपरि है:

  1. एस्कॉर्ट मिशन: भारतीय युद्धपोत अब ईंधन लेकर आ रहे भारतीय टैंकरों को ‘एस्कॉर्ट’ (सुरक्षा घेरे में लेकर चलना) कर रहे हैं, ताकि ईरान या अन्य लड़ाकों द्वारा किसी भी प्रकार की ‘बोर्डिंग’ (जहाज पर कब्जा) या हमले को रोका जा सके।
  2. रियल-टाइम कम्युनिकेशन: नौसेना का ‘मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर’ (IFC-IOR) हर भारतीय मर्चेंट शिप के कप्तान के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए है, जिससे उन्हें सुरक्षित कॉरिडोर की जानकारी दी जा रही है।

कूटनीति और शक्ति का संतुलन

सरकार का यह कदम केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सोची-समझी कूटनीतिक रणनीति भी है:

  • किसी भी पक्ष का विरोध नहीं: भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी नौसेना का उद्देश्य किसी देश के खिलाफ युद्ध लड़ना नहीं, बल्कि अपने वाणिज्यिक हितों और चालक दल (Crew) की सुरक्षा करना है।
  • अवैध गतिविधियों पर रोक: पिछले दिनों ईरानी टैंकरों की जब्ती और पहचान छिपाने की खबरों के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का कड़ाई से पालन करेगा और अपने जहाजों को किसी भी सौदेबाजी का हिस्सा नहीं बनने देगा।

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