देहरादून (17 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। सरकार का जोर इस बात पर है कि वैश्विक संकट का बहाना बनाकर कोई भी बिचौलिया या डीलर उपभोक्ताओं का शोषण न कर सके।
मुख्य सचिव के कड़े निर्देश: निगरानी और छापेमारी तेज करने पर जोर
सचिवालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि आम जनता को गैस आपूर्ति में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी:
- कालाबाजारी पर प्रहार: मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और पूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गैस वितरण केंद्रों और गोदामों की नियमित निगरानी की जाए। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी तेज करने को कहा गया है ताकि गैस की कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों को पकड़ा जा सके।
- समय पर आपूर्ति: अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि उपभोक्ताओं की बुकिंग के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर सिलिंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।
- अधिकारियों की जवाबदेही: मुख्य सचिव ने साफ किया कि यदि किसी जिले में आपूर्ति बाधित होती है या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक और अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे।
जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल संवाद: धरातल की स्थिति का जायजा
बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ-साथ सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) वर्चुअल माध्यम से जुड़े:
- पर्याप्त स्टॉक का दावा: पूर्ति विभाग ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि वर्तमान में राज्य में एलपीजी का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है। आने वाले महीनों के लिए भी तेल कंपनियों से समन्वय स्थापित किया गया है।
- मांग के अनुरूप वितरण: विभाग ने भरोसा दिलाया कि उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही मांग के अनुसार आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है और किसी भी जिले में गैस की कमी की स्थिति नहीं है।
वैश्विक परिस्थितियों का असर और सरकार की सतर्कता
खाड़ी देशों (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने अग्रिम कदम उठाए हैं:
- भ्रम की स्थिति पर रोक: सरकार चाहती है कि उपभोक्ताओं के बीच गैस की कमी को लेकर कोई भी अफवाह न फैले।
- सतर्क प्रशासन: प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वह सीधे उपभोक्ताओं के संपर्क में रहे और शिकायतों का त्वरित निवारण करे।




