तेल अवीव/बेरुत (16 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक नए और अधिक विनाशकारी चरण में पहुंच गया है। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने सोमवार को आधिकारिक घोषणा की है कि उसके सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान की सीमा लांघकर हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ‘ग्राउंड ऑपरेशन’ (जमीनी सैन्य कार्रवाई) शुरू कर दी है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद हिजबुल्लाह द्वारा तेज किए गए हमलों के जवाब में इजरायल ने यह निर्णायक कदम उठाया है।
इजरायली सेना की भीषण कार्रवाई: ठिकानों को किया ध्वस्त
इजरायली सेना ने हाल के दिनों में लेबनान सीमा पर अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी थी, जिसे अब पूर्ण जमीनी हमले में बदल दिया गया है:
- जमीनी हमला शुरू: IDF के प्रवक्ता ने बताया कि इजरायली कमांडो और बख्तरबंद दस्ते दक्षिणी लेबनान में प्रवेश कर चुके हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्लाह के उन बुनियादी ढांचों को नष्ट करना है, जहां से इजरायली बस्तियों पर रॉकेट दागे जा रहे थे।
- सुरक्षा घेरा मजबूत करना: सेना के अनुसार, यह ऑपरेशन इजरायल की उत्तरी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य हो गया था। इजरायल वहां एक ‘बफर जोन’ बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि भविष्य में हिजबुल्लाह के घुसपैठ को रोका जा सके।
जंग में हिजबुल्लाह की एंट्री और खामेनेई की मौत का असर
मिडिल ईस्ट की यह जंग तब और भड़क उठी जब ईरान और इजरायल सीधे तौर पर आमने-सामने आ गए:
- प्रतिशोध की आग: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमलों की झड़ी लगा दी थी। हिजबुल्लाह का दावा है कि वह अपने वैचारिक संरक्षक की मौत का बदला ले रहा है।
- दोतरफा घेराबंदी: इजरायल अब एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रहा है। एक तरफ ईरान के साथ मिसाइल युद्ध जारी है, तो दूसरी तरफ लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ जमीनी और हवाई हमले तेज कर दिए गए हैं।
- भीषण तबाही: इजरायली वायुसेना ने पिछले 24 घंटों में लेबनान के दर्जनों गांवों और हिजबुल्लाह के कमांड सेंटरों पर बमबारी की है, जिसमें भारी नुकसान की खबरें हैं।
युद्ध में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है इजरायल
रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस ग्राउंड ऑपरेशन के जरिए बेंजामिन नेतन्याहू सरकार दुनिया को यह संदेश देना चाहती है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। जमीनी हमले का उद्देश्य न केवल हिजबुल्लाह को पीछे धकेलना है, बल्कि उनके हथियारों के जखीरे और सुरंगों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।




