दुबई/कोच्चि (16 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध अब और भी भीषण रूप लेता जा रहा है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने सोमवार तड़के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे व्यस्त ‘दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया। इस हमले के बाद सुरक्षा कारणों से हवाई अड्डे पर विमानों की आवाजाही को तुरंत निलंबित कर दिया गया, जिसका सीधा असर भारत से जाने वाली उड़ानों पर भी पड़ा है।
फ्यूल टैंक में धमाका और अफरा-तफरी
स्थानीय मीडिया और अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान द्वारा दागे गए ड्रोनों ने हवाई अड्डे के समीपवर्ती इलाके को निशाना बनाया:
- भीषण आग: ड्रोन हमले की चपेट में आने से हवाई अड्डे के पास स्थित एक मुख्य फ्यूल टैंक (ईंधन टैंक) में जोरदार धमाका हुआ और भीषण आग लग गई।
- उड़ानें सस्पेंड: आसमान में फैलते धुएं और संभावित खतरों को देखते हुए दुबई एयरपोर्ट प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी टेक-ऑफ और लैंडिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया।
- सुरक्षा घेरा: यूएई की सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं।
कोच्चि से दुबई जा रही फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी
इस हमले का असर केरल के कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले यात्रियों पर भी पड़ा:
- वापसी का निर्देश: कोच्चि से दुबई के लिए उड़ान भर चुकी ‘एमिरेट्स’ (Emirates) की फ्लाइट को दुबई एयरपोर्ट के बंद होने की सूचना मिलते ही बीच रास्ते से वापस लौटने का निर्देश दिया गया।
- यात्रियों में दहशत: विमान के वापस कोच्चि लैंड करने पर यात्रियों को घटना की जानकारी दी गई। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देकर गंतव्य तक पहुंचने से रोक दिया गया।
- हजारों यात्री फंसे: दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानों के निलंबन से दुनिया भर के हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय प्रवासियों की है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
यह हमला उस समय हुआ है जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान के भीतर कई ठिकानों को तबाह करने का दावा किया है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह खाड़ी देशों में मौजूद उन ठिकानों को निशाना बनाएगा जो उसके दुश्मनों के मददगार हैं। इस ड्रोन हमले को ईरान की उसी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।





