वाशिंगटन: मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को लेकर अपने कड़े तेवर और साफ कर दिए हैं। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को खुली धमकी देते हुए कहा है कि वह ‘परमाणु आतंकवाद’ (Nuclear Terrorism) के जरिए दुनिया को ब्लैकमेल करना बंद करे। एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए वेंस ने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने तेहरान को चेतावनी दी कि यदि उसने अपनी परमाणु गतिविधियों और छद्म युद्ध (Proxy War) को नहीं रोका, तो उसे ऐसे परिणामों का सामना करना होगा जिन्हें वह “कभी भूल नहीं पाएगा।”
जेडी वेंस का तीखा प्रहार: ‘परमाणु हथियार नहीं, यह आतंक है’
उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने संबोधन में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया:
- आतंकवाद को बढ़ावा: वेंस ने आरोप लगाया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम का इस्तेमाल केवल ऊर्जा के लिए नहीं, बल्कि दुनिया भर के आतंकी संगठनों को शह देने और देशों को डराने के लिए कर रहा है।
- लाल रेखा (Red Line): उन्होंने कहा कि अमेरिका की ‘रेड लाइन’ बहुत स्पष्ट है। परमाणु हथियारों से लैस ईरान एक ऐसी वास्तविकता है जिसे अमेरिका और उसके सहयोगी कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
- क्षेत्रीय अस्थिरता: वेंस ने ईरान समर्थित समूहों (हमास, हिजबुल्लाह और हूतियों) का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान पूरे क्षेत्र में आग भड़काने का काम कर रहा है।
ईरान पर ‘अधिकतम दबाव’ (Maximum Pressure) की वापसी
ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति का हवाला देते हुए उप-राष्ट्रपति ने संकेत दिए कि अमेरिका अब और अधिक आक्रामक रुख अपनाएगा:
- कठोर आर्थिक प्रतिबंध: जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के तेल निर्यात और वित्तीय तंत्र पर और अधिक कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे ताकि उसकी आतंकी फंडिंग की कमर तोड़ी जा सके।
- सैन्य तत्परता: उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि अमेरिका युद्ध नहीं चाहता, लेकिन वह अपनी और अपने सहयोगियों (विशेषकर इजरायल) की रक्षा के लिए सैन्य विकल्प के इस्तेमाल से पीछे नहीं हटेगा।
- समझौते से इनकार: वेंस ने पुरानी परमाणु डील (JCPOA) की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ऐसे किसी भी समझौते का हिस्सा नहीं बनेगा जो ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने में विफल रहे।
इजरायल और सहयोगियों को भरोसे का संदेश
जेडी वेंस का यह बयान इजरायल के लिए एक बड़े समर्थन के रूप में देखा जा रहा है:
- इजरायल की सुरक्षा: वेंस ने दोहराया कि अमेरिका इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार के साथ मजबूती से खड़ा है।
- अरब देशों के साथ गठबंधन: उन्होंने अरब देशों से भी अपील की कि वे ईरान के बढ़ते प्रभुत्व को रोकने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करें।





