रुद्रपुर/खटीमा: उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले से एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात के स्वागत की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौट रहे एक परिवार की कार अनियंत्रित होकर गहरी नहर में जा गिरी। इस भीषण हादसे में मात्र दो दिन के नवजात शिशु, उसकी मां और परिवार के दो अन्य सदस्यों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुआ हादसा: अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए घुसी कार प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा खटीमा मार्ग पर उस समय हुआ जब परिवार नवजात शिशु और उसकी मां को निजी अस्पताल से लेकर अपने गांव लौट रहा था।
- अंधेरा और ढलान: चकरपुर के पास मोड़ पर अचानक कार चालक नियंत्रण खो बैठा। वाहन सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए सीधे उफनती शारदा नहर में जा गिरा।
- चीख-पुकार: कार के नहर में गिरते ही उसमें सवार लोगों ने बचने की कोशिश की और चीख-पुकार मच गई, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण कार देखते ही देखते गहराई में समा गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन: क्रेन और गोताखोरों की मदद से निकाले गए शव हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुँचीं।
- चुनौतीपूर्ण बचाव: रात का समय और नहर में पानी का तेज बहाव होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं।
- मलबे से बरामदगी: कई घंटों की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने कार का पता लगाया। क्रेन के जरिए कार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक गाड़ी में सवार चारों लोगों की दम घुटने और डूबने से मौत हो चुकी थी।
- मृतकों की पहचान: मृतकों में नवजात बच्चा, उसकी मां, दादी और एक अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। कार चला रहा युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल से विदाई के कुछ ही मिनट बाद काल ने झपटा परिजनों ने बताया कि घर में नए मेहमान के आने को लेकर जश्न की तैयारियां चल रही थीं। दो दिन पहले ही बच्चे का जन्म हुआ था और आज मां-बच्चे को घर लाया जा रहा था। अस्पताल से निकलते समय सभी के चेहरों पर मुस्कान थी, लेकिन किसे पता था कि घर पहुँचने से पहले ही मौत रास्ते में घात लगाए बैठी है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस हादसे ने नहर के किनारे बने सुरक्षा इंतजामों और सड़कों की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- ब्लैक स्पॉट: स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस मोड़ पर हादसा हुआ, वहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन ने वहां पर्याप्त लाइटिंग या मजबूत बैरिकेडिंग नहीं की है।
- कोहरा और विजिबिलिटी: पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि धुंध या कोहरे के कारण चालक को सड़क का अंदाजा नहीं मिल पाया और गाड़ी सीधे नहर की ओर मुड़ गई।
“यह एक बेहद दुखद घटना है। हमने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। कार को नहर से बाहर निकाल लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या मानवीय चूक से।” — प्रभारी, स्थानीय पुलिस थाना





