Thursday, March 5, 2026

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वर्दी घोटाले में धामी सरकार का कड़ा प्रहार: होमगार्ड DIG सस्पेंड, मुख्यमंत्री ने दिए विस्तृत जांच के आदेश

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए होमगार्ड विभाग में हुए कथित ‘वर्दी घोटाले’ पर बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्दी खरीद में हुई अनियमितताओं की गहराई से जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

होमगार्ड विभाग में जवानों के लिए खरीदी गई वर्दी और अन्य साजो-सामान में भारी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें लंबे समय से शासन को मिल रही थीं।

  • गुणवत्ता और बजट का खेल: शुरुआती जांच में सामने आया कि वर्दी के लिए आवंटित बजट का दुरुपयोग किया गया और घटिया स्तर का कपड़ा ऊंचे दामों पर खरीदा गया।
  • नियमों की अनदेखी: टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और चहेती कंपनियों को फायदा पहुँचाने के गंभीर आरोप विभाग के उच्च अधिकारियों पर लगे हैं।

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले की फाइल पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि राज्य के बजट का एक-एक पैसा जनता और कर्मियों के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार में संलिप्त चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, उसे दंड भुगतना ही होगा। वर्दी घोटाला न केवल वित्तीय अपराध है, बल्कि यह हमारे जवानों के सम्मान के साथ खिलवाड़ भी है।”

विभागीय जांच और विजिलेंस की नजर

DIG के निलंबन के साथ ही मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने के आदेश दिए हैं।

  1. फाइलों की जब्ती: जांच टीम ने विभाग की खरीद संबंधी पिछले तीन वर्षों की फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया है।
  2. सप्लायरों की भूमिका: उन सभी सप्लायरों और ठेकेदारों की भी जांच की जा रही है, जिन्हें वर्दी आपूर्ति का ठेका दिया गया था।
  3. संपत्ति की जांच: सूत्रों के अनुसार, निलंबित अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति की भी जांच विजिलेंस (Vigilance) द्वारा की जा सकती है।

प्रशासनिक हलकों में मची खलबली

DIG स्तर के अधिकारी पर इस तरह की सीधी कार्रवाई ने अन्य विभागों को भी सतर्क कर दिया है। सरकार के इस कदम को आगामी चुनावों से पहले सुशासन (Good Governance) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। होमगार्ड जवानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि वे लंबे समय से खराब गुणवत्ता वाली वर्दी की शिकायत कर रहे थे।

आगे की कार्रवाई

निलंबन की अवधि के दौरान DIG को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जांच समिति को एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में बर्खास्तगी या रिकवरी जैसी सख्त कानूनी कार्रवाइयां भी अमल में लाई जा सकती हैं।

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