पणजी/नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गोवा के चर्चित नाइटक्लब अग्निकांड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लूथरा ब्रदर्स के आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने यह कदम नाइटक्लब से जुड़े वित्तीय लेन-देन में भारी अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत मिलने के बाद उठाया है।
अग्निकांड से जुड़े ‘मनी ट्रेल’ की तलाश
सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई गोवा और दिल्ली-एनसीआर समेत आठ अलग-अलग स्थानों पर चल रही है।
- अवैध फंडिंग का शक: जाँच एजेंसी को संदेह है कि नाइटक्लब के संचालन और विस्तार में इस्तेमाल किया गया पैसा संदिग्ध स्रोतों से आया था।
- दस्तावेजों की जब्ती: छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने लैपटॉप, डिजिटल डिवाइस और कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज़ों को अपने कब्जे में लिया है। इन दस्तावेजों के जरिए लूथरा ब्रदर्स के विदेशी निवेश और बैंक खातों की जाँच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले दिनों गोवा के एक प्रसिद्ध नाइटक्लब में भीषण आग लग गई थी, जिसमें करोड़ों की संपत्ति जलकर खाक हो गई थी।
- सुरक्षा नियमों का उल्लंघन: शुरुआती जाँच में यह पाया गया था कि क्लब का संचालन सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी (Fire NOC) के बिना किया जा रहा था।
- पुलिस जाँच से ED तक: स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस मामले में वित्तीय कोण से जाँच शुरू की। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या क्लब की आड़ में काले धन को सफेद (Money Laundering) किया जा रहा था।
लूथरा ब्रदर्स के व्यापारिक साम्राज्य पर शिकंजा
लूथरा ब्रदर्स, जो मनोरंजन और आतिथ्य सत्कार (Hospitality) क्षेत्र में एक बड़ा नाम माने जाते हैं, अब केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर हैं। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमारी केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में परिवार के सदस्यों और उनके व्यापारिक साझेदारों को पूछताछ के लिए समन जारी कर मुख्यालय बुलाया जा सकता है।
गोवा में हड़कंप का माहौल
इस बड़ी कार्रवाई के बाद गोवा के पर्यटन और नाइटलाइफ़ व्यवसाय से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय प्रशासन ने भी अवैध रूप से चल रहे क्लबों और रेस्टोरेंट के खिलाफ सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं। ईडी की टीमें अभी भी ठिकानों पर मौजूद हैं और देर रात तक जब्ती की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।





