देहरादून: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पिछले २४ घंटों से हो रही लगातार बर्फबारी ने पूरे राज्य के मौसम का मिजाज बदल दिया है। लंबे इंतजार के बाद हुई इस सीज़न की पहली बर्फबारी से पहाड़ों ने सफेद चादर ओढ़ ली है, जिससे घाटी का नज़ारा बेहद खूबसूरत और आकर्षक हो गया है।
चारधाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात
बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के साथ-साथ हेमकुंड साहिब में भी जमकर बर्फ गिरी है। बद्रीनाथ मंदिर परिसर में लगभग एक फीट तक बर्फ की परत जम चुकी है, जिससे पूरा क्षेत्र दूधिया रोशनी में नहाया हुआ प्रतीत हो रहा है। वहीं, प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली, मुनस्यारी और हर्षिल में भी मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया है, जिसने पर्यटन व्यवसायियों के चेहरों पर खुशी ला दी है।
जनजीवन पर प्रभाव और कड़ाके की ठंड
बर्फबारी के कारण निचले इलाकों और मैदानी क्षेत्रों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
- तापमान: कई पहाड़ी जिलों में पारा शून्य से नीचे चला गया है।
- शीतलहर: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है।
- प्रशासनिक सतर्कता: भारी बर्फबारी के चलते सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों और ऊंचे ढलानों पर आवाजाही के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
पर्यटकों की बढ़ी आमद
बर्फबारी की खबर मिलते ही मैदानी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटकों ने उत्तराखंड का रुख करना शुरू कर दिया है। पर्यटकों का मानना है कि इस बार बर्फबारी समय पर होने से उन्हें विंटर वेकेशन का असली आनंद मिलेगा। होटल कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले सप्ताहांत में पर्यटकों की संख्या में और भी अधिक इजाफा होगा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र (देहरादून) के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। विभाग ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों को ठंड से बचने के लिए उचित इंतजाम करने की सलाह दी है।





