अल्मोड़ा/ब्यूरो: जनपद के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग प्रक्रिया मंगलवार को विवादों की भेंट चढ़ गई। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) कार्यालय में सुबह से ही उमड़ी अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के बीच उचित इंतजाम न होने के कारण स्थिति अनियंत्रित हो गई। अभ्यर्थियों ने विभाग पर कुप्रबंधन और प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि अधिकारियों को काउंसलिंग बीच में ही स्थगित करनी पड़ी। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए सैकड़ों अभ्यर्थी दिन भर परेशान रहे और अंततः उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
विवाद की मुख्य वजह: कुप्रबंधन और सूचना का अभाव
काउंसलिंग में शामिल होने आए अभ्यर्थियों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए:
- सीमित काउंटर और भारी भीड़: सैकड़ों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों के लिए केवल एक-दो काउंटर ही खोले गए थे, जिससे सत्यापन प्रक्रिया में अत्यधिक देरी हुई।
- बैठने और पानी की व्यवस्था नहीं: कड़ाके की ठंड के बावजूद अभ्यर्थियों के लिए न तो बैठने की उचित व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी की, जिसके चलते लंबी कतारों में खड़े लोगों का सब्र जवाब दे गया।
- मेरिट सूची में विसंगतियां: कई अभ्यर्थियों का आरोप था कि मेरिट सूची में उनसे कम अंक वालों के नाम ऊपर हैं, और विभाग इन शिकायतों का निवारण किए बिना ही काउंसलिंग शुरू कर रहा है।
नारेबाजी और दफ्तर का घेराव
जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता गया:
- अधिकारियों का घेराव: आक्रोशित अभ्यर्थियों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- प्रक्रिया पर रोक की मांग: अभ्यर्थियों ने मांग की कि जब तक मेरिट लिस्ट की विसंगतियों को दूर नहीं किया जाता और काउंसलिंग के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं जुटाए जाते, तब तक प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाए।
- पुलिस का हस्तक्षेप: हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन अभ्यर्थी लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे।
शिक्षा विभाग का पक्ष और भविष्य की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने अपनी सफाई पेश की है:
- अचानक उमड़ी भीड़: विभाग का तर्क है कि उम्मीद से अधिक अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए पहुंच गए, जिससे व्यवस्थाएं चरमरा गईं।
- प्रक्रिया स्थगित: फिलहाल भर्ती प्रक्रिया को आगामी आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि अब नए सिरे से तिथि घोषित की जाएगी और बड़े परिसर में अधिक काउंटरों के साथ काउंसलिंग आयोजित होगी।
- जांच का आश्वासन: मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर अधिकारियों ने कहा कि सभी शिकायतों की बारीकी से जांच की जाएगी।
निष्कर्ष: अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट
लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे बेरोजगार युवाओं के लिए यह घटना किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं थी। दूरस्थ क्षेत्रों से पैसे खर्च कर अल्मोड़ा पहुंचे युवाओं ने विभाग की इस लापरवाही को उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग अपनी गलतियों को सुधार कर अगली काउंसलिंग कब और कैसे आयोजित करता है।





