द्वाराहाट (अल्मोड़ा): अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ (VIP) के नाम का खुलासा न होने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में आज द्वाराहाट मुख्य बाजार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का भारी रेला उमड़ा। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अंकिता के माता-पिता को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
सरकार पर ‘वीआईपी’ को बचाने का आरोप
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इस मामले में शुरू से ही लीपापोती करने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर वह कौन सा रसूखदार ‘वीआईपी’ है, जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था और सरकार अब तक उस नाम को सार्वजनिक करने से क्यों कतरा रही है।
प्रदर्शन की मुख्य बातें
- विशाल आक्रोश रैली: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिरंगा चौक से लेकर तहसील मुख्यालय तक एक विशाल जन आक्रोश रैली निकाली।
- महिलाओं की भारी भागीदारी: इस आंदोलन में द्वाराहाट और आसपास के गांवों की महिलाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की, जो “अंकिता को न्याय दो” और “बेटी बचाओ का नारा झूठा है” जैसी तख्तियां लिए हुए थीं।
- पुतला दहन: आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने तहसील के समीप सरकार का पुतला फूंका और शासन-प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
पुलिस और प्रशासन मुस्तैद
हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स की ओर बढ़ते दिखे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक इस हत्याकांड की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच नहीं होती और पर्दे के पीछे छिपे ‘वीआईपी’ का चेहरा सामने नहीं आता, तब तक सदन से लेकर सड़क तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
प्रमुख मांगें
- अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच उच्च स्तरीय न्यायिक समिति या सीबीआई से कराई जाए।
- घटना से जुड़े उस कथित ‘वीआईपी’ का नाम सार्वजनिक कर उसे गिरफ्तार किया जाए।
- मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर जल्द से जल्द दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।
स्थानीय प्रभाव: इस प्रदर्शन के कारण द्वाराहाट-चौखुटिया मोटर मार्ग पर घंटों तक यातायात प्रभावित रहा, जिससे आम जनता को कठिनाई हुई, लेकिन लोगों ने न्याय की इस मुहिम को अपना समर्थन दिया।





