हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में जल संस्थान की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के एक रिहायशी इलाके में नलों के जरिए दूषित और मटमैले पानी की आपूर्ति होने से एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से बीमार हो गया है। बच्चे को उल्टी, दस्त और तेज बुखार की शिकायत के बाद आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना का मुख्य विवरण
- अशुद्ध जल की आपूर्ति: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से नलों में पीने के पानी के साथ सीवर या नाली का गंदा पानी मिल कर आ रहा था। पानी से तीव्र दुर्गंध आने की शिकायत भी की गई थी।
- बीमारी का प्रकोप: दूषित पानी के सेवन से केवल बच्चे ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई अन्य बुजुर्गों और युवाओं में भी पेट दर्द और संक्रमण के लक्षण देखे गए हैं।
- इंदौर कांड से तुलना: इस घटना ने मध्य प्रदेश के इंदौर की उस भयावह याद को ताजा कर दिया है, जहाँ प्रदूषित पानी पीने से दर्जनों लोग बीमार हुए थे और कई मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और हड़कंप
मामला तूल पकड़ते ही स्वास्थ्य विभाग और जल संस्थान की टीम मौके पर पहुँची। विभाग ने आनन-फानन में क्षेत्र की पाइपलाइनों की जाँच शुरू कर दी है। शुरुआती जाँच में अंदेशा जताया जा रहा है कि पेयजल की मुख्य लाइन कहीं से क्षतिग्रस्त होकर नाली के संपर्क में आ गई है, जिसके कारण यह संक्रमण फैला है।
स्थानीय लोगों में भारी रोष
इलाके के लोगों ने विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने पाइपलाइन की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा एक मासूम बच्चे को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
सावधानी नोट: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने क्षेत्र के निवासियों को सलाह दी है कि वे पानी को उबालकर ही पिएं और यदि किसी को भी पेट संबंधित समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।





