नई दिल्ली/सीमावर्ती क्षेत्र: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अवैध घुसपैठ के मास्टरमाइंड सरफराज को गिरफ्तार किया है। सरफराज की गिरफ्तारी ने सीमा पार से चल रहे एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश कराकर उन्हें देश के विभिन्न बड़े शहरों में सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध करा रहा था।
नेपाल बना घुसपैठ का नया ‘सेफ पैसेज’ पूछताछ के दौरान सरफराज ने चौंकाने वाले खुलासे करते हुए बताया कि कड़ाई कम होने का फायदा उठाकर अब नेपाल के रास्ते का इस्तेमाल ‘सॉफ्ट टारगेट’ के रूप में किया जा रहा है। बांग्लादेश से आने वाले लोगों को पहले नेपाल लाया जाता है और फिर वहां से सड़क मार्ग के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश की खुली सीमाओं से भारत में प्रवेश कराया जाता है। इसके लिए स्थानीय एजेंटों का एक जाल बुना गया है जो सीमा पार कराने में मदद करते हैं।
महानगरों में ‘सेटलमेंट’ का खतरनाक प्लान जांच एजेंसियों को पता चला है कि इन घुसपैठियों का लक्ष्य केवल भारत में प्रवेश करना नहीं है, बल्कि उन्हें देश की आर्थिक राजधानियों और बड़े शहरों जैसे दिल्ली, नोएडा, मुंबई और बेंगलुरु में बसाने की योजना थी। सरफराज का गिरोह इन लोगों को पहचान छिपाने के लिए शुरुआती दौर में दिहाड़ी मजदूरी या छोटे कामों में लगाता था ताकि वे भीड़ का हिस्सा बन सकें और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच सकें।
फर्जी पहचान पत्र बनाने वाला सिंडिकेट सक्रिय इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि घुसपैठियों को भारत में प्रवेश दिलाने के तुरंत बाद उनके फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज तैयार कराए जाते थे। सरफराज के पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं, जो संकेत देते हैं कि इस नेटवर्क के तार कुछ सरकारी विभागों के निचले स्तर के कर्मचारियों या भ्रष्ट जनसेवा केंद्रों से भी जुड़े हो सकते हैं।
अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां सरफराज से मिले इनपुट के बाद भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एजेंसियों अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो सरफराज के इशारे पर बड़े शहरों में इन घुसपैठियों को शरण और नौकरी दिलवाने का काम कर रहे थे।
“सरफराज की गिरफ्तारी इस अवैध सिंडिकेट की रीढ़ तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हम इसके पीछे के पूरे अंतरराष्ट्रीय लिंक को खंगाल रहे हैं।” — वरिष्ठ अधिकारी, जांच एजेंसी





