Tuesday, March 3, 2026

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एयरबस के ए-320 विमानों में तकनीकी समस्या, दुनियाभर में 6,000 विमान रिकॉल

यूरोप की अग्रणी विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने अपने लोकप्रिय ए320 परिवार के विमानों में सॉफ्टवेयर बदलाव की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें बड़े पैमाने पर वापस बुलाने का निर्णय लिया है। कंपनी द्वारा शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि यह रिकॉल उसकी अब तक की सबसे बड़ी तकनीकी कार्रवाई है, जिसका प्रभाव वैश्विक हवाई यातायात पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

दुनियाभर के 6,000 विमान होंगे रिकॉल
एयरबस के वर्तमान बेड़े में ए320 परिवार के करीब 11,300 विमान संचालित हो रहे हैं। इनमें से लगभग 6,000 विमानों को कंपनी ने रिकॉल करने का फैसला किया है, जो वैश्विक परिचालन बेड़े का लगभग आधा हिस्सा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब क्रिसमस सीजन के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर विमानों को वापस बुलाने से दुनिया भर में उड़ानों की समय-सारिणी पर व्यापक असर दिख सकता है।

इस रिकॉल की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी के बयान के समय लगभग 350 से अधिक ऑपरेटर्स के 3,000 ए320 विमान दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उड़ान भर रहे थे। एयरबस के 55 साल के इतिहास में यह सबसे बड़ा रिकॉल ऑपरेशन बताया जा रहा है।

सॉफ्टवेयर अपग्रेड में प्रति विमान कम से कम दो घंटे लगेंगे
रिकॉल किए जा रहे सभी विमानों में सॉफ्टवेयर से जुड़ा बदलाव किया जाना है। तकनीकी तौर पर यह कोई जटिल काम नहीं है, लेकिन इसके लिए विमान को मेंटिनेंस केंद्रों में भेजना होगा। प्रत्येक विमान में यह प्रक्रिया कम से कम दो घंटे का समय ले सकती है। प्राकृतिक रूप से इसका असर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, चीन, भारत और न्यूजीलैंड सहित कई देशों की उड़ान सेवाओं पर दिखाई दे सकता है, जहां ए320 विमानों का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है।

अमेरिका और चीन की एयरलाइंस के पास सबसे बड़ा ए320 बेड़ा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी एयरलाइंस कंपनी American Airlines के पास ए320 फैमिली के सबसे ज्यादा 475 विमान परिचालन में हैं। इनमें ए319 के 129, ए320 के 47 और ए321 के 299 विमान शामिल हैं। भारत की इंडिगो एयरलाइंस भी ए320 परिवार पर काफी निर्भर है और उसके पास ऐसे 312 विमान हैं, जो देश के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर उड़ान भरते हैं।

एयरबस पहले से ही कई विमानों की मरम्मत कार्य में व्यस्त है और साथ ही कर्मचारियों की कमी का सामना कर रही है, जिससे रिकॉल प्रक्रिया लंबी हो सकती है और हवाई यातायात सामान्य होने में अधिक समय लग सकता है।

एअर इंडिया ने कहा—40% विमानों का कार्य पूरा, उड़ानें रद्द नहीं होंगी
एअर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि वह EASA और एयरबस के निर्देशों के मुताबिक काम कर रही है। एयरलाइन ने कहा, “एअर इंडिया में सुरक्षा सर्वोपरि है। सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर रीअलाइनमेंट के निर्देश मिलने के बाद हमारे इंजीनियर दिन-रात काम कर रहे हैं। हम अपने 40% से अधिक विमानों का काम पूरा कर चुके हैं और बाकी बेड़े को भी समयसीमा में शामिल कर लेंगे।”
एअर इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक किसी उड़ान को रद्द नहीं किया गया है। हालांकि कुछ उड़ानें देर से चल सकती हैं या उन्हें रीशेड्यूल किया जा सकता है, लेकिन यात्रियों की सहायता के लिए ग्राउंड स्टाफ तैनात रहेगा।

भारत के DGCA ने भी जारी किए सुरक्षा निर्देश
भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) ने एयरबस के A318, A319, A320 और A321 मॉडल के विमानों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि ऐसे किसी भी विमान का संचालन तब तक न किया जाए जब तक अनिवार्य मॉडिफिकेशन को पूरा न कर लिया जाए।

एयरबस के इस बड़े कदम से वैश्विक उड्डयन क्षेत्र में आने वाले दिनों में अनिश्चितता बढ़ सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय लंबे समय में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

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