Tuesday, March 3, 2026

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इस साल भी नवंबर में नहीं हुई बारिश

उत्तराखंड में इस वर्ष भी नवंबर का महीना बारिश के बिना बीत गया। पूरे प्रदेश में अधिकांश जिलों में बारिश न होने के कारण मौसम शुष्क रहा और सूखी ठंड ने पहाड़ से लेकर मैदान तक लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं दिख रही है, जिससे ठंड का यह सूखा दौर जारी रह सकता है।

आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में नवंबर महीने में सामान्य तौर पर 5.9 मिमी बारिश दर्ज की जाती है। इसके विपरीत इस वर्ष चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जिलों में ही महीने की शुरुआत में बेहद हल्की बारिश हुई। वहीं देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर, नैनीताल, टिहरी समेत बाकी जिलों में बारिश का आंकड़ा शून्य रहा। इससे मौसम में नमी की कमी बनी रही और दिन के समय तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम के तेजी से बदलते पैटर्न की वजह से नवंबर में लगातार दूसरे वर्ष बारिश नहीं हुई है। पिछले दस वर्षों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 से पहले 2021 और 2016 में भी नवंबर में बारिश नहीं दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार यह संकेत है कि प्रदेश के मौसम चक्र में स्थायी बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक समान रूप से पड़ रहा है।

तापमान के आंकड़े भी इस बदलाव की पुष्टि करते हैं। शुक्रवार को देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक, यानी 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि रात का तापमान सामान्य से एक डिग्री कम होकर 8.7 डिग्री रहा। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी दिन में गर्माहट और रात में गिरते पारे की यही स्थिति रही, जिससे मौसम में असामान्य उतार-चढ़ाव महसूस किया गया।

आगामी दिनों की बात करें तो चार दिसंबर तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह के समय पाला जमने की स्थिति बनी हुई है, जबकि मैदानी जिलों में हल्का कोहरा सुबह और शाम ठंड का एहसास और गहरा कर रहा है। बारिश की अनुपस्थिति के कारण हवा में नमी कम है, जिसके चलते सूखी ठंड लोगों को और अधिक तकलीफ दे रही है।

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