नई दिल्ली। उत्तर और मध्य भारत में सर्दी ने अचानक दस्तक तेज कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट के बाद मैदानों में शीतलहर की स्थिति तेजी से बढ़ रही है। आने वाले दो दिनों में उत्तर भारत के बड़े हिस्सों—राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश—में शीतलहर की स्थिति सबसे गंभीर रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद ठंडी उत्तरी हवाएँ मैदानों की ओर तेजी से बढ़ी हैं, जिससे तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली–एनसीआर में भी तापमान में गिरावट दर्ज, सुबह और देर शाम ठंड का प्रकोप अधिक
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान ठंडक और धुंध की परत बढ़ी है। सुबह और रात के समय पारा तेजी से लुढ़क रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़ों का प्रयोग बढ़ाने की सलाह दी है।
राजस्थान के चूरू, सीकर, झुंझुनू और गंगानगर जैसे जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जहां कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच चुका है।
आने वाले दिनों में घने कोहरे की स्थिति भी कई क्षेत्रों में बढ़ सकती है, जिससे सुबह के समय सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। विशेष तौर पर पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार में दृश्यता कम रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को तापमान में गिरावट से अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उत्तर और मध्य भारत में ठंड के आगे और तेज होने के संकेत हैं, जिससे आने वाले दिनों में सर्दी का प्रभाव और अधिक व्यापक हो सकता है।





